-पक्षी विहारों को पर्यटकों के लिए सुलभ करेगा एक्सप्रेसवे
रायबरेली (हि. स.)। योगी सरकार का महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे अब प्रवासी व देशी पक्षियों के कलरव में बाधक नहीं बनेगा। बल्कि इन पक्षियों के प्रवास स्थल को और सुविधाजनक बनाया जाएगा।इसके लिए एनजीटी के निर्देशों का पालन करते हुए एक्सप्रेसवे को पक्षी विहारों से दूर रखा जा रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे द्वारा जिन क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। उसमें इस बात का ध्यान रखा गया है कि उक्त क्षेत्र पक्षी विहारों के इको जोन के बाहर हों। एनजीटी के मानकों के तहत निर्देश सर्वे कर रही कंपनी को दिए गए हैं।
दरअसल 594 किमी लंबे मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते में तीन पक्षी विहार हरदोई का सांडी, उन्नाव का नबाबगंज पक्षी विहार व रायबरेली का समसपुर पक्षी विहार आते हैं। इनमें से सभी के इको जोन को निर्धारित किया गया है। रायबरेली के समसपुर पक्षी विहार के इको जोन का दायरा करीब एक किमी रखा गया है। इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि पक्षी विहार के इको सिस्टम में किसी तरह का व्यवधान न हो।
सर्वे के दौरान भी इन क्षेत्रों में वाइल्डलाइफ के एक्सपर्ट की भी सलाह ली जा रही है। एक्सप्रेसवे बनाने में इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि ये पक्षी विहार पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित हों। पक्षी विहारों को सर्विस लेन से जोड़ा जाएगा जिससे यहां आसानी से पहुंच हो सके। पर्यटकों के आवागमन और उनकी सुविधा को भी इस योजना में सम्मिलित किया गया है। सरकार की इस महत्वपूर्ण परियोजना से जहां पक्षियों का उनका प्राक्रतिक वातावरण सुरक्षित रहेगा। वहीं यह पहले से ज्यादा पर्यटकों को लुभा सकेगा।
यूपीडा के अधिकारियों का कहना है कि इन पक्षी विहारों के मानकों का पूरा ध्यान रखते हुए इसे और भी आकर्षण बनाया जाएगा। डीएफओ महेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि पक्षी विहार के इको जोन को निर्धारित किया गया है, एक्सप्रेसवे समसपुर पक्षी विहार के दायरे से बाहर रहेगा।
उल्लेखनीय है कि रायबरेली के सलोन तहसील में स्तिथ समसपुर पक्षी विहार 1987 में स्थापित किया गया था। प्रवासी पक्षियों के लिए बेहद अनुकूल इस वातावरण में 300 से ज्यादा प्रजाति के पक्षी सर्दियों में आते हैं। 780 हेक्टेयर में फैले इस पक्षी विहार में प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट बनी रहती है। मुख्य मार्ग से अलग होने के कारण यहां ज्यादा आवागमन नहीं रहता है लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद समसपुर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
रायबरेली के 65 गांवों से गुजरेगा गंगा एक्सप्रेस वे रायबरेली में गंगा एक्सप्रेसवे में आने वाले गावों की सूची यूपीडा ने जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है।इसके लिए सत्यापन की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। रायबरेली के करीब 65 गांव इसमें आ रहे है जोकि लालगंज, डलमऊ,ऊंचाहार और सलोन के हैं। लालगंज के 15, डलमऊ के 24, ऊंचाहार के 22 व सलोन के चार गांव इस एक्सप्रेस वे में आ रहे हैं। इन सभी का सत्यापन कराया जा रहा है। गंगा से इन सभी गावों की दूरी 10 किमी से ज्यादा रखी गई है। यूपीडा द्वारा दी गई इस लिस्ट का जल्द ही प्रकाशन किया जाएगा। इन क्षेत्रों में रजिस्ट्री पर भी तात्कालिक रोक लगा दी गई है।
Up News : पक्षियों के कलरव में बाधक नहीं बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे
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