जन्मदिन (11 अगस्त) पर विशेष
ये ऊपर वाले की रहमत ही थी कि Trilok Deep सर का मेरी जिंदगी में आना हुआ। दिल्ली न आता तो शायद इस बहुत खास आदमी से मेरी मुलाकातें न होतीं। देश की नामवर पत्रिकाओं में जिनका नाम पढ़कर पत्रकारिता का ककहरा सीखा, वे उनमें से एक हैं। सोचा न था कि इस ख्यातिनाम संपादक के बगल में बैठने और उनसे बातें करने का मौका मिलेगा।भारतीय जन संचार संस्थान का महानिदेशक बनने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार के जनसंपर्क अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए मैं ऐसे व्यक्ति की तलाश में था जो छत्तीसगढ़ से जुड़ा रहा हो। मुझे नाम तो कई ध्यान में आए किंतु वरिष्ठता की दृष्टि से Trilok Deep जी का नाम सबसे उपयुक्त लगा। बिना पूर्व संपर्क हमने उन्हें फोन किया और वे सहजता से तैयार हो गए। उसके बाद उनका आना होता रहा। वे हैं ही ऐसे कि जिंदगी में खुद ब खुद शामिल हो जाते हैं। इस आयु में भी उनकी ऊर्जा, नई पीढ़ी से संवाद बनाने की उनकी क्षमता, याददाश्त सब कुछ विलक्षण है। इस आयु में भी उनकी सक्रियता विलक्षण है। सच में वो 90 साल के नौजवान हैं। उनकी स्मृति आज भी अप्रतिम है।
दिल्ली की हिंदी पत्रकारिता में ‘दिनमान’ और ‘संडे मेल’ के माध्यम से Trilok Deep सर ने जो कुछ किया, वह पत्रकारिता का उजला इतिहास है। उनके साथ बैठना इतिहास की छांव में बैठने जैसा है। वे इतिहास के सुनहरे पन्नों का एक-एक सफा बहुत ध्यान से बताते हैं। उनमें वर्णन की अप्रतिम क्षमता है। इतिहास को बरतना उनसे सीखने की चीज है। उनकी सबसे बड़ी चीज यह है कि जिंदगी से कोई शिकायत नहीं, बेहद सकारात्मक और पेशे के प्रति ईमानदारी। वरिष्ठता की गरिष्ठता भी उनमें नहीं है। आने वाली पीढ़ी को उम्मीदों से देखना और उसे प्रोत्साहित करने की उनमें ललक है। वे अहंकार से दबे, कुठांओं से घिरे और नई पीढ़ी के आलोचक नहीं हैं।
Trilok Deep सर को सुनते हुए लगता है कि उनकी आंखें, अनुभव और कथ्य कुछ भी पुराना नहीं हुआ है। दिल्ली की भागमभाग ने और जीवन के संघर्षों ने उन्हें थकाया नहीं है, बल्कि ज्यादा उदार बना दिया है। वे इतने सकारात्मक हैं कि आश्चर्य होता है। पाकिस्तान से बस्ती, वहां से रायपुर और दिल्ली तक की उनकी यात्रा में संघर्ष और जीवन के झंझावात बहुत हैं, किंतु वे कहीं से भी अपनी भाषा, लेखन और प्रस्तुति में यह कसैलापन नहीं आने देते। उनकी देहभाषा ऊर्जा का संचार करती है। मेरे जैसे अनेक युवाओं के वे प्रेरक हैं। प्रेरणाश्रोत हैं।
यह भी पढें: रक्षाबंधन की ऐतिहासिक कहानियां, रिश्तों की कसौटी
दिनमान की पत्रकारिता अज्ञेय, रघुवीर सहाय, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, श्रीकांत वर्मा, प्रयाग शुक्ल जैसे अनेक नायकों से सजी है। इस कड़ी का बेहद नायाब नाम हैं Trilok Deep। यह बात सोचकर भी रोमांच होता है। दिग्गजों को जोड़कर रखना और उनसे समन्वय बिठाकर संस्था को आगे ले जाना आसान नहीं होता, किंतु Trilok Deep से मिलकर आपको यही लगेगा कि ये काम वे ही कर सकते थे। यह समन्वय और समन्वित दृष्टि ही Trilok Deep को एक शानदार पत्रकार और संपादक बनाती है। बाद के दिनों में ‘संडे मेल’ के संपादक के रूप में वे कैसी शानदार पत्रकारिता की पारी खेलते हैं, वह हमारी यादों में आज भी ताजा है।
उनकी पत्रकारिता पर कोई रंग, कोई विचार इस तरह हावी नहीं है कि आप उससे उन्हें चीन्ह सकें। वे पत्रकारिता के आदर्शों, मूल्यों की जमीन पर खड़े होकर अपेक्षित तटस्थता के साथ काम करते नजर आते हैं। आज जबकि पत्रकारों से ज्याद पक्षकारों की चर्चा है। सबने अपने-अपने खूंटे गाड़ दिए हैं, Trilok Deep जैसे नाम हमें आश्वस्त करते हैं कि पत्रकारिता का कोई पक्ष है तो सिर्फ जनपक्ष ही होना चाहिए और इससे भी सफल-सार्थक पत्रकारिता की जा सकती है।
आज की दुनिया में हम सोशल मीडिया पर बहुत निर्भर हैं। ऐसे में Trilok Deep सर वाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से मेरी गतिविधियों पर नजर रखते हैं। उनकी दाद और शाबासियां मुझे मिलती रहती हैं।
उनका यह चैतन्य और आने वाली पीढ़ी की गतिविधियों पर सर्तक दृष्टि रखना मुझे बहुत प्रभावित करता है। वे सही राह दिखाने वाले, दिलों में जगह बनाने वाले शख्स हैं। उनके साथ काम करने का मौका तो नहीं मिला पर उनके साथ काम करने वालों से मेरा संवाद हुआ है। वे सब त्रिलोक जी को बहुत शानदार बास की तरह याद करते हैं। भारतीय जन संचार संस्थान के पुस्तकालय के लिए उन्होंने अपनी सालों से संजोई घरेलू लाइब्रेरी से अनेक महत्वपूर्ण किताबें दीं। इसके लिए हम उनके कृतज्ञ हैं। आज वे 90 साल के हो गए हैं। उनकी सक्रियता जस की तस है। वे शतायु हों, उनकी कृपा और आशीष इसी तरह हम सभी को मिलता रहे यही कामना है। बहुत-बहुत शुभकामनाएं सर।
(लेखक भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक हैं)
यह भी पढें: बनारस: अतीत और वर्तमान के बीच संतुलन
पोर्टल की सभी खबरों को पढ़ने के लिए हमारे वाट्सऐप चैनल को फालो करें : https://whatsapp.com/channel/0029Va6DQ9f9WtC8VXkoHh3h अथवा यहां क्लिक करें : www.hindustandailynews.com
