क्रिकेटर क्या सच में चाय पीते हैं Tea break के समय? इंग्लिश क्रिकेटर ने खोली अंदर की सच्चाई
टेस्ट क्रिकेट में हर ब्रेक उतना ही अहम होता है जितना एक विकेट या शतक। खासकर tea break को लेकर हमेशा से एक दिलचस्प सवाल बना रहा है क्या वाकई क्रिकेटर इस समय चाय पीते हैं? या फिर यह सिर्फ नाम मात्र का ब्रेक है? क्रिकेट के जानकार और दर्शक इस भ्रम में हैं कि क्या दोपहर के एक से डेढ़ बजे के बीच खेले जा रहे मैच में खिलाड़ी सच में चाय का लुत्फ उठाते हैं?
इस विषय पर अब खुद एक इंटरनेशनल क्रिकेटर ने पर्दा उठा दिया है। इंग्लैंड के बल्लेबाज ओली पोप ने बताया है कि tea break का असल मतलब क्या होता है और इस दौरान खिलाड़ी क्या करते हैं।
Tea break में सिर्फ चाय नहीं, खिलाड़ियों की पसंद पर होता है सब कुछ निर्भर
टेस्ट मैच के दौरान तीन सेशन होते हैं: सुबह का सेशन, लंच के बाद का सेशन और फिर tea break के बाद का अंतिम सेशन। पर सवाल यह है कि दोपहर के समय tea break होता है, तब क्या खिलाड़ी वाकई चाय पीते हैं?
इस पर ओली पोप का जवाब था, ‘कुछ लोग चाय पीते हैं, लेकिन मैं आमतौर पर कॉफी पीता हूं। यदि बारिश के कारण देरी होती है तो उस स्थिति में कभी-कभी चाय पी लेता हूं।’ इससे स्पष्ट है कि tea break दरअसल एक छोटा ब्रेक होता है, जिसका उद्देश्य खिलाड़ियों को तरोताजा करना होता है। चाहे वह चाय हो, कॉफी हो या कोई अन्य रिफ्रेशिंग ड्रिंक चॉइस व्यक्तिगत होती है।
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लंच ब्रेक में क्रिकेटर्स क्या खाते हैं?
टेस्ट क्रिकेट में lunch break सुबह के पहले सेशन के बाद आता है। आमतौर पर यह समय देश और स्थान के अनुसार करीब 12 बजे के आसपास होता है। इस दौरान खिलाड़ी हल्का या भारी भोजन करते हैं, यह उनकी भूमिका और दिन के खेल पर निर्भर करता है। ओली पोप ने बताया, ‘अगर मैं बल्लेबाजी कर रहा होता हूं, तो हल्का खाना पसंद करता हूं। मैं केला खाता हूं और एक प्रोटीन शेक लेता हूं ताकि पेट भरा न हो और एनर्जी बनी रहे।’ यानि लंच का मेन्यू खिलाड़ी की ज़रूरत और खेल की परिस्थिति पर निर्भर करता है।
Tea break में क्यों नहीं होती है भारी खुराक?
Tea break सिर्फ 20 मिनट का होता है और यह लंच की तुलना में छोटा ब्रेक होता है। यही कारण है कि इसमें खिलाड़ी आमतौर पर हल्के पेय पदार्थ या स्नैक्स लेते हैं। इसका उद्देश्य खेल के तीसरे और अंतिम सेशन से पहले शरीर को पुनः सक्रिय करना होता है। खिलाड़ियों को tea break के बाद मैदान पर वापस आना होता है, ऐसे में भारी भोजन या ज्यादा पीना थकान बढ़ा सकता है। इसलिए एनर्जी ड्रिंक्स, फल, इलेक्ट्रोलाइट या प्रोटीन बार इस ब्रेक का आम हिस्सा होते हैं।
दर्शकों के लिए भ्रम, खिलाड़ियों के लिए रणनीतिक समय
दर्शकों को अक्सर लगता है कि tea break महज़ परंपरागत चाय पीने का समय है, लेकिन हकीकत में यह ब्रेक खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक रिचार्ज के लिए होता है। इस दौरान कोच और प्लेयर्स आपसी रणनीति भी तय करते हैं कि आखिरी सेशन में कैसे खेलना है। इस ब्रेक को कई बार मौसम या खेल की परिस्थितियों के अनुसार समायोजित भी किया जाता है, खासकर जब मैच में बारिश या खराब रोशनी का असर होता है।
Tea break नाम है पुराना, पर स्वरूप है नया
इस पूरे विश्लेषण से यह बात साफ हो जाती है कि tea break नाम भले ही पारंपरिक हो, लेकिन आज के टेस्ट क्रिकेट में इसका स्वरूप बदल चुका है। यह अब एक रणनीतिक और पुनः ऊर्जावान होने का समय बन गया है, न कि केवल चाय की प्याली का।
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