कोई अलौकिक घटना नहीं, बल्कि सांपों का एक स्वाभाविक खतरनाक व्यवहार है Snake Attack
Snake Attack से जुड़े वीडियो आजकल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते रहते हैं। इनमें दिखता है कि सांप अचानक अपनी ही पूंछ या शरीर पर हमला कर बैठते हैं। इस विचित्र और खौफनाक नजारे ने लोगों में गहरी जिज्ञासा और डर दोनों पैदा कर दिया है। कई लोग इसे कोई अलौकिक संकेत मान लेते हैं, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह व्यवहार पूरी तरह जैविक और पर्यावरणीय कारणों से जुड़ा होता है।
Snake Attack के वीडियो में अक्सर देखा जाता है कि सांप अपनी पूंछ को पकड़कर निगलने की कोशिश करता है। यह दृश्य पहली नजर में बेहद डरावना लगता है, लेकिन वैज्ञानिक तर्क इसे समझने में मदद करते हैं। इसके पीछे असली वजह उनके शरीर की गर्मी, तंत्रिका तंत्र में गड़बड़ी और तनाव होता है।
सांप ठंडे खून वाले जीव होते हैं, जिन्हें अपने शरीर का तापमान बाहरी स्रोतों से नियंत्रित करना पड़ता है। Snake Attack के मामले में जब सांप अत्यधिक गर्मी में आ जाते हैं, तो उनका मस्तिष्क भ्रमित होने लगता है और वह अपनी ही पूंछ को शिकार समझ लेते हैं। यही वजह है कि वे अपनी पूंछ को ही निगलने की कोशिश कर बैठते हैं।
Snake Attack के उदाहरणों में देखा गया है कि जब सांप बंद जगहों में रखे जाते हैं या उन्हें पर्याप्त ठंडी जगह नहीं मिलती, तो उनका व्यवहार आक्रामक हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ बताते हैं कि लगातार तनाव, भूख, और वातावरण में अचानक बदलाव भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, Snake Attack में सांप की गंध पहचानने की क्षमता भी प्रभावित हो जाती है। सांप अपनी जीभ और जैकबसन अंग से गंध को ‘चखते’ हैं और वातावरण का आकलन करते हैं। अगर किसी कारणवश उनकी गंध पहचानने की प्रणाली बिगड़ जाए, तो इसकी संभावना बढ़ जाती है।
Snake Attack का एक और कारण तंत्रिका तंत्र की समस्याएं होती हैं। जब सांप का नर्वस सिस्टम असंतुलित होता है, तो वह अपने शरीर को ही दुश्मन समझने लगता है। यही वजह है कि वह अपनी पूंछ को काटने या निगलने लगता है। कई बार लोग तरह-तरह की अफवाहें फैलाते हैं। कुछ इसे काला जादू, अशुभ संकेत या दुर्भाग्य का प्रतीक मानते हैं। लेकिन सच यह है कि यह पूरी तरह से जीव विज्ञान और पर्यावरण पर आधारित प्रक्रिया है।
Snake Attack को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं, जिनमें सांपों को इस तरह के खतरनाक व्यवहार में देखा जाता है। विशेषज्ञों ने साफ कहा है कि इस प्रकार की घटनाओं में किसी भी प्रकार की अंधविश्वास की कोई भूमिका नहीं है। ऐसी घटनाओ को रोकने के लिए सांपों को पर्याप्त जगह, उचित तापमान और शांत वातावरण देना जरूरी है। यदि सांप पालतू है, तो उसे तनावमुक्त रखने के लिए विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
विशेषज्ञ बताते हैं कि पर्याप्त पानी और ठंडक भी Snake Attack के खतरे को कम करने में सहायक होते हैं। वैज्ञानिक शोध यह भी बताते हैं कि अगर सांप ने अपनी पूंछ को निगलना शुरू कर दिया है, तो तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। यदि समय पर हस्तक्षेप न किया जाए, तो सांप गंभीर रूप से घायल हो सकता है या उसकी जान भी जा सकती है।
इस विषय पर जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है ताकि लोग इसे किसी भी तरह की गलतफहमी या अंधविश्वास से न जोड़ें। यह समझना जरूरी है कि Snake Attack कोई अलौकिक घटना नहीं बल्कि सांपों का एक स्वाभाविक, albeit खतरनाक व्यवहार है।
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