दशमोत्तर और पूर्वदशम छात्रवृत्ति के लिए 2 जुलाई से होंगे ऑनलाइन आवेदन
प्रादेशिक डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति योजना की औपचारिक समयसारिणी जारी कर दी है। यह योजना राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की जाती है।
शासन द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक, छात्रवृत्ति के लिए पूर्वदशम (कक्षा 9-10) और दशमोत्तर (कक्षा 11-12) के लिए आवेदन प्रक्रिया आगामी 2 जुलाई से शुरू होगी और 30 अक्तूबर तक चलेगी। इस दौरान छात्र ऑनलाइन आवेदन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे।
मॉस्टर डाटा और मार्किंग प्रक्रिया की समय-सीमा तय
विद्यालयों को 1 जुलाई से 5 जुलाई तक अपने मॉस्टर डाटा को छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपडेट करना होगा। वहीं अल्पसंख्यक वर्ग से संबंधित निजी विद्यालयों की मार्किंग प्रक्रिया 2 जुलाई से 14 दिसंबर तक चलेगी। यह प्रक्रिया राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से सम्पन्न होगी।
छात्रों को निर्देशित किया गया है कि वे आवेदन करते समय संपूर्ण विवरण सही-सही भरें, ताकि 18 से 21 नवंबर के बीच यदि कोई त्रुटि हो तो वे संस्थान के साथ मिलकर सुधार कर सकें। शासन के अनुसार, सभी पात्र छात्रों को 31 दिसंबर तक छात्रवृत्ति की राशि उनके खाते में भेज दी जाएगी।
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छात्रवृत्ति के साथ तबादला आदेशों में भी असमंजस
इधर दूसरी ओर माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में तबादला प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) ने बुधवार को ऑनलाइन बैठक कर यह मांग उठाई कि छात्रवृत्ति की ही तरह तबादला आदेशों की प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित समय पर हो।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि 27 जून तक आदेश जारी नहीं किए गए, तो 30 जून को लखनऊ स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन तबादला आदेश का विवाद
संघ के प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने स्पष्ट किया कि विभागीय अधिकारी केवल ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने वाले शिक्षकों के तबादला आदेश जारी करना चाह रहे हैं, जबकि कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनकी तबादला पत्रावलियां ऑफलाइन पहले से निदेशालय में जमा हैं।
छात्रवृत्ति के लाभ की तरह ही शिक्षकों को भी उनका अधिकार समय पर मिले, इसके लिए संघ ने विभाग से मांग की है कि वह दोनों प्रक्रियाओं को समान रूप से मान्यता दे और ऑफलाइन तबादला प्रक्रियाओं को भी तत्काल प्रभाव से जारी करे।
नए सत्र की शुरुआत में पारदर्शिता और समयबद्धता की जरूरत
शिक्षक संघ ने यह भी कहा कि एक जुलाई से नया शैक्षिक सत्र शुरू होने जा रहा है। यदि तबादला आदेश लंबित रहते हैं, तो शिक्षण कार्य बाधित होगा और इसका प्रभाव छात्रवृत्ति प्राप्त कर पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर भी पड़ेगा। इसलिए शासन को समय रहते पारदर्शी ढंग से निर्णय लेना चाहिए।
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