Wednesday, January 14, 2026
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राजेश सोनी की गिरफ्तारी ने मचाया बवाल!

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर राजेश सोनी की पोस्ट से भड़की सरकार

राज्य डेस्क

गांधीनगर। राजेश सोनी की गिरफ्तारी को लेकर गुजरात में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। सोशल मीडिया पर की गई एक विवादित पोस्ट ने गुजरात कांग्रेस महासचिव को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। शुक्रवार को साइबर अपराध शाखा ने उन्हें फेसबुक पर सेना से जुड़ी आलोचनात्मक सामग्री साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया।

गुजरात साइबर क्राइम सेल की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, राजेश सोनी ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कुछ वीडियो और फोटो साझा की थीं, जिनमें सेना की भूमिका और केंद्र सरकार के रुख पर सवाल उठाए गए थे। पोस्ट का मकसद सेना का मनोबल गिराना और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सार्वजनिक अविश्वास पैदा करना बताया गया है।

पोस्ट में राफेल सौदे और अग्निवीर योजना पर उठाए सवाल
शिकायत के अनुसार, सोनी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा था— ‘खास ध्यान दें… सैनिकों को कोई श्रेय नहीं दिया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर में राफेल उड़ाने का खर्च अब दोगुना हो जाएगा और भविष्य में उनकी तस्वीरों और प्रचार पर खर्च किया जाएगा।’
इसके साथ ही उन्होंने एक तस्वीर साझा की थी जिसमें लिखा था— ’22 साल का अग्निवीर नौजवान सेवानिवृत्त हो रहा है या घर जा रहा है, लेकिन 73 साल का एक व्यक्ति फिर मौका मांग रहा है।’

कांग्रेस ने गिरफ्तारी को बताया असहमति का गला घोंटना
राजेश सोनी गिरफ्तारी को लेकर गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘समाजसेवी और राजनीतिक कार्यकर्ता राजेशभाई टी. सोनी को साइबर शाखा ने सुबह 4 बजे एक आतंकवादी की तरह उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।’
गोहिल ने आरोप लगाया कि यह कदम विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि सोनी की पोस्ट में केवल यह कहा गया था कि ‘हमारे सैनिकों की वीरता का श्रेय उन्हें मिलना चाहिए, न कि ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर प्रचार को।’

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साइबर शाखा का दावा— पोस्ट से फैल सकती थी अव्यवस्था
गांधीनगर साइबर क्राइम सेल के उप निरीक्षक ने दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल इस पोस्ट से जनता में भ्रम फैलने और सैनिकों के प्रति अविश्वास का माहौल बनने का खतरा था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इस पोस्ट से भारतीय सेना के दायित्व पर संदेह पैदा किया गया, जिससे युवाओं के बीच सैन्य सेवा को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।

राजेश सोनी गिरफ्तारी से सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
सोनी की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर राजेश सोनी गिरफ्तारी ट्रेंड करने लगा। समर्थक इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने की कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने पोस्ट को राष्ट्रविरोधी करार देते हुए गिरफ्तारी को सही ठहराया है।
कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ट्विटर और फेसबुक पर विरोध स्वरूप ‘#FreeRajeshSoni’ हैशटैग के साथ पोस्ट शेयर की।

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विपक्ष के निशाने पर भाजपा सरकार
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को लेकर सीधे भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। विपक्ष ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें आलोचना से डरती हैं और अपने विरोधियों को शांत कराने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजेश सोनी गिरफ्तारी जैसे कदम आगामी लोकसभा चुनावों से पहले सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज करेंगे।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस फिर तेज
सोनी की गिरफ्तारी ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस को हवा दी है। क्या सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करना अपराध है? क्या आलोचनात्मक टिप्पणियां राष्ट्रीय सुरक्षा के विरुद्ध मानी जाएंगी? यह सवाल अब सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं।

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