इस युद्ध रणनीति का लोहा मान रही दुनिया, एक्सपर्ट्स कर रहे डीप स्टडी
अंतरराष्ट्रीय डेस्क
कीव। यूक्रेन ने ‘ऑपरेशन स्पाइडर वेब’ के जरिये रूस के अंदर 4,000 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित कई एयरबेस पर एक विनाशकारी ड्रोन हमला किया, जिसमें कम से कम 41 परमाणु बमवर्षक और युद्धक विमान क्षतिग्रस्त हो गए। इसे यूक्रेनी सुरक्षा सेवा (SBU) ने अंजाम दिया। सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में First Person View (FPV) ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें लकड़ी की अस्थायी झोपड़ियों में छिपाया गया था। इन झोपड़ियों को ट्रकों पर रखकर रूस के बड़े सैन्य एयरबेस के करीब खड़ा किया गया। इसके बाद रिमोट सिग्नल से ड्रोन को सक्रिय कर एयरबेस पर छोड़ दिया गया, जिससे भारी तबाही मच गई। यह हमला 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के भीतर अब तक का सबसे गहरा हमला माना जा रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की ने कहा कि ऑपरेशन स्पाइडर वेब का यह साहसी हमला 18 महीने की योजना के बाद अंजाम दिया गया और इसमें कुल 117 ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। FPV ड्रोन ऐसे होते हैं जिनमें ड्रोन के सामने लगे कैमरे से संचालक को वास्तविक समय में वही दिखाई देता है जो ड्रोन देख रहा होता है। इन्हें स्मार्टफोन या अन्य डिवाइस से नियंत्रित किया जा सकता है। यह ड्रोन फिल्मांकन और हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों की कवरेज में भी उपयोग किए जाते हैं, लेकिन इनमें एक प्रमुख खामी यह है कि इनके संचालक को ड्रोन के चारों ओर की स्थिति का पूरा आभास नहीं होता, जिससे दृष्टि सीमित हो जाती है।
यह भी पढ़ें: …इस सांसद ने किया रिंकू सिंह को क्लीन बोल्ड!
फिर भी, कम लागत और छोटे आकार वाले ये FPV ड्रोन यूक्रेन युद्ध में सबसे प्रभावशाली हथियार बनकर उभरे हैं। इन्हें अक्सर विस्फोटकों से लादकर भेजा जाता है और इनकी मारक दूरी 5 से 20 किलोमीटर तक होती है। आमतौर पर पहले एक टोही ड्रोन भेजा जाता है जो दुश्मन की कमजोरियों का पता लगाता है। कमजोरी की पहचान होते ही FPV ड्रोन तेज़ी से लक्ष्य पर जाकर विस्फोट कर देते हैं। इस प्रकार के ड्रोन आधुनिक युद्ध के तरीके बदल रहे हैं और अब युद्धभूमि में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले हथियार बन चुके हैं। एक सैन्य सूत्र ने बताया कि 100 से अधिक विस्फोटक लदे FPV ड्रोन रूस में तस्करी कर लाए गए, जहां उन्हें चलती लकड़ी की झोपड़ियों में छिपाकर ट्रकों पर लादा गया और फिर रूसी एयरबेस के नज़दीक पहुंचाकर हमला किया गया।
ऑपरेशन स्पाइडर वेब में रविवार दोपहर को 41 विमान नष्ट किए गए, जिनमें A-50 रडार निगरानी विमान, Tu-95 और Tu-22M जैसे रणनीतिक परमाणु बमवर्षक शामिल हैं। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस की कुल एयर मिसाइल कैरियर फ्लीट का 34% नुकसान किया है, जिसकी अनुमानित लागत 7 अरब डॉलर है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। रूसी सोशल मीडिया पर जारी कुछ अपुष्ट वीडियो और तस्वीरों में साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र में स्थित बेलाया एयरबेस में रूसी रणनीतिक बमवर्षकों को जलता हुआ दिखाया गया है।
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश की नई करेंसी पर अब हिंदू और बौद्ध मंदिरों की तस्वीरें!
यह क्षेत्र यूक्रेनी सीमा से 4,300 किलोमीटर से भी अधिक दूर है, जिससे यह हमला अब तक का सबसे गहरा बताया जा रहा है। हालांकि FPV ड्रोन की इतनी लंबी दूरी तक पहुंचने की क्षमता नहीं होती। इन्हें पहले ही रूस के अंदर तस्करी के जरिए पहुंचाया गया, ताकि वे टारगेट के पर्याप्त करीब आ सकें। यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन स्पाइडर वेब अभियान रूस के हवाई प्रभुत्व को चुनौती देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं, रूस की ओर से इस हमले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पोर्टल की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें : www.hindustandailynews.com
वाट्सऐप चैनल को फालो करें : https://whatsapp.com/channel/0029Va6DQ9f9WtC8VXkoHh3h
कलमकारों से: पोर्टल पर प्रकाशन के इच्छुक कविता, कहानियां, महिला जगत, युवा कोना, सम सामयिक विषयों, राजनीति, धर्म-कर्म, साहित्य एवं संस्कृति, मनोरंजन, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीक इत्यादि विषयों पर लेखन करने वाले महानुभाव अपनी मौलिक रचनाएं एक पासपोर्ट आकार के छाया चित्र के साथ मंगल फाण्ट में टाइप करके हमें प्रकाशनार्थ प्रेषित कर सकते हैं। हम उन्हें स्थान देने का पूरा प्रयास करेंगे : जानकी शरण द्विवेदी, प्रधान संपादक मोबाइल- 9452137310 E-Mail : hindustandailynews1@gmail.com
