राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत अनेक नेताओं ने दी बकरीद की बधाई
दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों में किया गया था अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध
नेशनल डेस्क
नई दिल्ली। बकरीद का पर्व शनिवार को पूरे देश में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में लाखों लोगों ने अल्लाह से अमन और भाईचारे की दुआ मांगी। चाहे दिल्ली की जामा मस्जिद हो या यूपी का हरदोई, कर्नाटक की मस्जिदें हों या बिहार का गांधी मैदान हर जगह बकरीद पर एकजुटता और सौहार्द का पैगाम दिखा।
बकरीद के खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक, हर ओर बकरीद का जश्न शांति और प्रेम के रंगों से सराबोर रहा।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बकरीद मनाई गई
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत कई प्रमुख शहरों में बकरीद की नमाज विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा की गई। डीसीपी विचित्र वीर के अनुसार, पश्चिमी जिले में 29 मस्जिदों में पुलिस बल की तैनाती रही। मस्जिद कमेटियों और अमन कमेटियों से समन्वय कर नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया गया।
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की ईदगाह में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ देखी गई। डीएम और एसपी खुद स्थिति का जायजा लेते नजर आए। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जगह-जगह चेकिंग और निगरानी रखी गई। अलीगढ़ और वाराणसी में भी बकरीद के मौके पर नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर मुबारकबाद दी।
खुर्जा की ईदगाह में भी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए, जहां एडीएम, एसडीएम और सीओ सहित पुलिस बल तैनात रहा। बुलंदशहर में ड्रोन से निगरानी की गई और पुलिस अलर्ट मोड पर रही। प्रशासन ने शांति और भाईचारे का संदेश देते हुए लोगों से किसी भी अफवाह से दूर रहने की अपील की। मस्जिदों के बाहर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और सीसीटीवी कैमरे से निगरानी होती रही।
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बिहार में गांधी मैदान बना गवाह, कुर्बानी का संदेश
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हज़ारों नमाजियों ने बकरीद की नमाज अदा की। मदरसा इस्लामिया के प्रिंसिपल एम. ए. कादरी नदवी ने कहा कि यह त्योहार अल्लाह के सामने समर्पण और बुराई से लड़ने का प्रतीक है। उन्होंने कहा, यह सिर्फ जानवर की कुर्बानी नहीं, बल्कि अपने अहंकार, घृणा और ईर्ष्या की कुर्बानी है। नमाज के बाद भाईचारे, प्रेम और सामाजिक एकता की दुआ की गई। पुलिस ने भी सतर्कता दिखाते हुए संवेदनशील इलाकों में विशेष बल तैनात किए और हर गतिविधि पर नजर रखी।
शाहनवाज हुसैन ने सुपौल में नमाज पढ़ी
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने बिहार के सुपौल में अपने पैतृक गांव में नमाज अदा की। उन्होंने लोगों से मुल्क की सलामती और एकता की दुआ करने की अपील की। उन्होंने कहा, बकरीद हमें बताता है कि अपने निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और मानवता की सेवा करनी चाहिए। इस पर्व पर दिल मिलते हैं और नफरतें दूर होती हैं।
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कर्नाटक और दक्षिण भारत में भी रहा उत्साह
कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में भी बकरीद के मौके पर नमाज अदा की गई। मस्जिदों और ईदगाहों में लोगों ने मिलकर शांति और सौहार्द की मिसाल पेश की। बेंगलुरु में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस कर्मियों को सुबह से ही तैनात किया गया था।
नफरत को हराकर मोहब्बत की जीत
इस बार की बकरीद ने ये साबित कर दिया कि जब नीयत साफ हो और दिल में मोहब्बत हो, तो कोई ताकत भाईचारे को तोड़ नहीं सकती। देश के हर कोने से मिली अमन की तस्वीरें बताती हैं कि भारत की असली ताकत इसकी एकता और विविधता है।
राजनीतिक और सामाजिक चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद बकरीद पर दिखाई गई शांति और सौहार्द की भावना देश के लिए उम्मीद की किरण है। आने वाले वक्त में अगर यही जज़्बा कायम रहा, तो भारत दुनिया को फिर से इंसानियत और भाईचारे का संदेश देने में सफल रहेगा।
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