-इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य गुड़ महोत्सव 2021 किया जा रहा आयोजन
लखनऊ (हि.स.)। राजधानी लखनऊ में गन्ना विकास विभाग राज्य गुड़ महोत्सव 2021 का आयोजन 06-07 मार्च को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में कर रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
गुड़ उत्पादकों को उत्तम गुणवत्ता के लिए प्रेरित करेगा महोत्सवगन्ना मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि राज्य गुड़ महोत्सव 2021 के आयोजन का उद्देश्य गुड़ उत्पादकों को उत्तम गुणवत्ता के गुड़ तथा उसके सह-उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित करना एवं गुड़ के सह-उत्पादों तथा गुड़ के औषधीय लाभों के प्रति जन-जागरूकता का प्रसार करना है। उन्होंने बताया कि राज्य गुड़ महोत्सव प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाने में सामर्थ्यवान सिद्ध होगा तथा गुड़ की महत्ता एवं उससे जुड़ी योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। इस आयोजन से आम जनमानस में गुड़ के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।उन्होंने बताया कि गुड़ एक प्राकृतिक स्वीटनर है और औषधीय गुणों से भरपूर है। आयुर्वेद में गुड़ को असंख्य औषधीय गुणों से भरपूर एक पोषक तत्व माना गया है।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के गुड़ उत्पादों का होगा प्रदर्शनगुड़ महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आये गुड़ उत्पादकों द्वारा गुड़ एवं इसके सह-उत्पादों के स्टॅाल्स लगाये जा रहे हैं। इनमें सोंठ, सौंफ, इलायची, तिल, मूंगफली, काजू, बादाम, केसर युक्त गुड़ एवं गुड़ के गुलगुले, गुड़ की खीर, गुड़ की अमृता चाय, गुड़ का लड्डू, गुड़ की कुल्फी, गुड़ का जलेबा, गुड़ का हलवा, गुड़ का मीठा पोंगल, आदि मुख्य आकर्षण रहेंगे।
गुड़ उद्योग की समस्याएं एवं सम्भावनाओं पर होगी चर्चासुरेश राणा ने बताया कि महोत्सव के दौरान विशेषज्ञों द्वारा गुड़ उद्योग की समस्याएं एवं सम्भावनाएं, गुड़ के औषधीय गुण एवं प्रदेश की आत्मनिर्भरता में गन्ना किसानों एवं ग्रामीण महिलाओं की भूमिका से संबंधित व्याख्यान तथा गुड़ उद्योग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बौद्धिक परिचर्चा भी होगी। गुड़ महोत्सव के आयोजन से गुड़ उद्योग का न केवल तीव्र विकास होगा बल्कि गुड़ उत्पादकों को स्थानीय बाजार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय पटल पर पहचान भी मिलेगी।
प्रदेश सरकार ने खाण्डसारी इकाइयों को किया पुर्नजीवित उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा खाण्डसारी इकाइयों को पुर्नजीवित करने का निर्णय करते हुए पेराई सत्र 2018-19 के लिए जारी खाण्डसारी लाइसेंसिंग नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किये गये। ऑनलाइन लाइसेंसिंग प्रणाली के अंतर्गत 100 घंटों के भीतर इकाइयों को लाइसेंस प्रदान किये गये। नई खाण्डसारी इकाइयों की स्थापना के लिए चीनी मिल से इसकी दूरी न्यूनतम 15 किलोमीटर को शिथिल करते हुए 7.5 कि.मी. निर्धारित किया गया। गुड़ के निर्माण और व्यवसाय में अग्रणी तीन जिलों मुजफ्फरनगर, अयोध्या एवं लखीमपुर खीरी को एक जनपद एक उत्पाद योजना के अंतर्गत चयनित किया गया है, जिससे इस व्यवसाय को बढ़ावा मिल सके।
नई खाण्डसारी इकाईयों से 1,110 करोड़ का होगा पूंजीगत निवेश प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की गयी इस व्यवस्था के कारण लगभग 25 वर्षों के पश्चात विगत तीन वर्षों में 267 नई खाण्डसारी इकाईयों के लाइसेंस जारी किये जा चुके हैं, जिनसे लगभग 66,450 टीसीडी गन्ने की अतिरिक्त पेराई क्षमता सृजित होगी। इन इकाइयों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 1,110 करोड़ का पूंजीगत निवेश होगा तथा लगभग 30 हजार लोगों को स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। वर्तमान में प्रदेश में कुल 365 गुड़ एवं खाण्डसारी इकाईयां तथा 5650 कोल्हू क्रेशर संचालित हैं।
समापन कार्यक्रम 07 को दो दिवसीय राज्य गुड़ महोत्सव-2021 में संस्कृति विभाग के सौजन्य से विभिन्न सांस्कृति कार्यक्रमों लोक नृत्य आदि का आयोजन किया जायेगा। समापन कार्यक्रम के दौरान पीएसी बैण्ड द्वारा भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा। समापन कार्यक्रम 07 मार्च को सायं 5 बजे किया जायेगा।
