Sunday, February 8, 2026
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सोने के लिए अपहरण : मुठभेड़ में 2 बदमाश धरे गए

बदमाशों ने कहा-जल्दी से सोना बाहर निकालो, अन्यथा पेट चीर देंगे

अहपरण की घटना के सूत्रधार का अभी पता नहीं लगा पाई है मुरादाबाद पुलिस

सऊदी अरब से घर लौट रहे रामपुर के 6 लोगों का रास्ते में फर्जी पुलिस बनकर सशस्त्र बदमाश अपहरण कर लेते हैं। उन्हें मुरादाबाद में एक फार्महाउस में ले जाते हैं और पेट में छिपाकर लाई गई सोने की गोलियां निकालने को कहते हैं। बदमाश धमकी देते हैं कि यदि गोलियां न निकलीं तो उनका पेट चीरकर सोने की गोलियां निकाली जाएंगी। इसके बाद का पूरा घटनाक्रम जानने के लिए पढ़े यह समाचार :

प्रादेशिक डेस्क
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में सोने के लिए अपहृत किए गए आधा दर्जन लोगों को सुरक्षित रिहाई करवाकर पुलिस ने दो बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, जिले के मूंढापांडे क्षेत्र में शुक्रवार को एक सनसनीखेज अपहरण की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। सऊदी अरब से लौट रहे छह लोगों को दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बदमाशों ने अगवा कर लिया। बदमाशों को सूचना थी कि ये लोग अपने पेट में सोना छिपाकर ला रहे हैं। इसके बाद उन्हें मूंढापांडे के रौंडा क्षेत्र में एक फार्म हाउस में ले जाया गया, जहां उनकी जान को खतरा पैदा हो गया।

हाईवे से किया गया दुस्साहसिक अपहरण
अपहरण की इस घटना की शुरुआत दिल्ली एयरपोर्ट से हुई। रामपुर के टांडा निवासी मो. नावेद, शाने आलम, मुतल्लवी, जाहिद, जुल्फेकार और एक अन्य व्यक्ति सऊदी अरब से अपने घर लौट रहे थे। ये सभी लोग भाड़े की एक कार में सवार थे। उस कार का पीछा बदमाशों ने एयरपोर्ट से ही शुरू कर दिया था। बदमाश 150 किलोमीटर से अधिक दूरी तक उनकी कार का पीछा करते रहे।

शुक्रवार शाम करीब पांच बजे, दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर मैनाठेर और मूंढापांडे बॉर्डर के पास पुराने टोल टैक्स पर बदमाशों ने अपनी बोलेरो और स्विफ्ट कार से पीड़ितों की कार को ओवरटेक किया। खुद को पुलिसकर्मी बताकर बदमाशों ने चेकिंग के बहाने कार रुकवाई। एक बदमाश ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी, और उनकी कार में इंस्पेक्टर की कैप भी रखी थी।

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अपहरण मामले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए बदमाश।
अपहरण मामले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए बदमाश।

फार्म हाउस में क्रूरता की हद
अपहरण की इस वारदात में बदमाशों ने पीड़ितों को हथियारों के बल पर बंधक बनाया और रौंडा क्षेत्र के एक फार्म हाउस में ले गए। यहां बदमाशों ने पीड़ितों को खाना खिलाया और दवाइयां दीं, ताकि उनके पेट से सोने की गोलियां बाहर आ सकें। जब ऐसा नहीं हुआ, तो बदमाशों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए पेट चीरने की धमकी दी। इससे सभी पीड़ितों के होश उड़ गए।

बदमाशों ने पीड़ितों से मारपीट भी की और सोने की जानकारी मांगी। उनका कहना था कि उन्हें पुख्ता सूचना मिली है कि पीड़ित पेट में सोना छिपाकर लाए हैं। इस दौरान सभी पीड़ितों के मोबाइल छीन लिए गए, जिससे वे अपने परिवार से संपर्क नहीं कर सके। बदमाशों ने कहा कि गोलियां बाहर न निकलीं तो सभी का पेट चीरकर निकाला जाएगा।

जुल्फेकार का साहस और पुलिस की कार्रवाई
अपहरण की इस कहानी में एक उम्मीद की किरण तब जगी, जब जुल्फेकार मौका पाकर फार्म हाउस की दीवार कूदकर भाग जाने में सफल हो गया। उसने पास के गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को अपनी आपबीती सुनाई और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मूंढापांडे, कटघर थाने और एसओजी की संयुक्त टीम ने तुरंत फार्म हाउस की घेराबंदी की।

पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में काशीपुर निवासी राजा और रामपुर दोराहा निवासी तौफीक को गोली लगी। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस ने मौके से तीन कारें भी बरामद की हैं।

सोने के लिए अपहरण : मुठभेड़ में 2 बदमाश धरे गए
घायल बदमाश से पूछताछ करते अपर पुलिस अधीक्षक

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सोने की तस्करी का पुराना इतिहास
अपहरण की इस घटना ने रामपुर के टांडा क्षेत्र में सोने की तस्करी के पुराने मामले फिर से उजागर कर दिए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, टांडा के कुछ लोग पहले भी सोने की तस्करी में पकड़े जा चुके हैं। पिछले साल टांडा निवासी एक सीआरपीएफ सिपाही समेत पांच लोगों को सोने के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस घटना ने सवाल उठाए हैं कि क्या अपहरण के पीछे कोई पुरानी रंजिश या तस्करी का कनेक्शन है।

जाहिद के भाई नासिर ने बताया कि उनके भाई सऊदी अरब में एक कंपनी की गाड़ी चलाते हैं और चार साल बाद घर लौट रहे थे। उनकी पत्नी ने बताया कि दोपहर दो बजे आखिरी बार बात हुई थी, लेकिन इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। मो. नावेद के बहनोई आलम ने भी यही पुष्टि की कि उनका साला डेढ़ साल बाद घर लौट रहा था।

करीबी की मुखबिरी का शक
मूंढापांडे अपहरण की इस वारदात में पुलिस को शक है कि बदमाशों को पीड़ितों की पल-पल की जानकारी किसी करीबी ने दी थी। बदमाशों को पता था कि पीड़ित कब दिल्ली से निकले और कब टौल तक पहुंचेंगे। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। एसपी सिटी ने कहा कि सभी पीड़ित सुरक्षित हैं, और फरार बदमाशों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

अपहरण की यह घटना न केवल एक आपराधिक वारदात है, बल्कि यह संगठित अपराध और तस्करी के गहरे नेटवर्क की ओर भी इशारा करती है। पुलिस की सतर्कता और एक पीड़ित के साहस ने इस मामले को और भयावह होने से बचा लिया।

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