सन्तोष कोहली
बालपुर, गोण्डा। एक तरफ योगी सरकार संतों को पूज्यनीय मानती है, वही दूसरी तरफ दबंगों द्वारा पद का नाजायज फायदा उठाते हुए साधु संतों को प्रताड़ित किया जा रहा है। मामला जनपद के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के अंर्तगत ग्राम पंचायत ठकुरापुर का है। बताते हैं कि ठकुरापुर ग्राम पंचायत में करीब सौ वर्ष पुराना एक स्थित धर्म स्थान है, जिसके नाम करीब बावन बीघा सम्पत्ति है। इसपर अनेक प्रकार के फलदार पेड़ के साथ-साथ तमाम प्रकार के हरे भरे पेड़ लगे हैं। मन्दिर और पेड़ पौधों का देखभाल पचीसां वर्षो से बाबा धर्मदास द्वारा किया जा रहा है। बाबा धर्मदास जी का कहना है कि वर्तमान प्रधान धर्मेन्द्र कुमार के पिता राम निहोर व राम चंदर द्वारा धर्म स्थान के जमीन पर जबरन कब्जा करते हुए लगे हरे पेड़ को ठेकेदार मो. अलीम के हाथ बेच दिया। बाबा धर्मदास द्वारा मना करने पर विपक्षी गण बाबा को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए जान से मारकर लाश को गायब कर देने की धमकी दी। बाबा धर्मदास ने इसकी लिखित शिकायत थाना कोतवाली देहात में किया। शिकायत पर क्षेत्रीय उप निरीक्षक अमर सिंह ने दोनों पक्षों को बुलाकर आपस मे सुलह समझौता करा दिया गया। इसके कुछ दिन बाद, बीते शुक्रवार को बाबा धर्मदास सुबह गांवों की तरफ जा रहे थे कि ग्राम प्रधान के पिता ने घेराबंदी करके बाबा को मार पीटा और गांव से आश्रम छोड़कर भाग जाने की धमकी देते हुए गाली दिया। बाबा ने पुनः जिसकी शिकायत उप निरीक्षक अमर सिंह से किया। उप निरीक्षक ने बाबा की शिकायत पर दोनों पक्षों को बुलवाया। इस पर विपक्षियों ने गलती मानते हुए माफ़ी मांगी। इससे बाबा ने पुनः सुलह समझौता कर लिया। हालांकि ग्राम प्रधान का इस बारे में कहना है कि बाबा द्वारा उनके विरुद्ध झूठी और बेबुनियाद शिकायत की जा रही है।
