संवाददाता
गोण्डा। मां भारती की सेवा में 68 वर्षों से समर्पित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आनुषांगिक संगठन विद्या भारती की पूर्व छात्र परिषद इकाई द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेरा स्कूल मेरा गौरव पर्व का आयोजन किया गया है। इस पर्व का मुख्य उद्देश्य विद्या भारती के सरस्वती शिशु मंदिर एवं सरस्वती विद्या मंदिर में शिक्षा ग्रहण कर चुके अधिकाधिक पूर्व छात्रों का पंजीयन विद्याभारती पोर्टल डब्लूडब्लूडब्लू डॉट विद्याभारती एलुमिनी डॉट ओआरजी पर सुनिश्चित किया जाना है। अब तक इस पोर्टल पर दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं जुड़े चुके हैं। इस पर्व का आरंभ 17 अक्टूबर से हुआ है, जो 16 नवंबर तक चलेगा। यह जानकारी सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज परिसर स्थित सरस्वती कक्ष में आयोजित बैठक में विद्या भारती साकेत सम्भाग निरीक्षक अवरीश कुमार एवं प्रचार प्रमुख जितेन्द्र पाण्डेय हलचल ने दी। अवरीश कुमार ने कहा कि विद्या भारती के पूर्व छात्रों का योगदान सदैव से देश और समाज में परोपकार की भावना से जरूरतमंदों की सहायता करना और संस्कार युक्त शिक्षा का प्रसार कर समृद्ध समाज के निर्माण में योगदान करने का रहा है। प्रधानाचार्य काली प्रसाद मिश्र ने विद्या भारती के सभी पूर्व छात्रों से आह्वान करते हुए कहा कि इस पर्व के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में डब्लूडब्लूडब्लू डॉट विद्याभारती एलुमिनी डॉट ओआरजी वेब पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। यह पर्व विद्या भारती के पूर्व छात्रों के लिए अपने विद्यार्थी जीवन की यादों को तरोताजा करने का स्वर्णिम अवसर है, जिसके माध्यम से वह अपने पुराने सहपाठियों से सम्पर्क करने में सफल हो सकते हैं। प्रचार प्रमुख ने कहा कि विद्या भारती ने अपने छात्रों को जो संस्कार दिए हैं, वह उनमें निहित हैं। विद्या भारती ने लोगों को समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति प्रभावशाली हैं, जिनके प्रभाव से समाज में बदलाव आ सकता है। वह विद्या भारती के माध्यम से अपने प्रभाव का प्रयोग कर सकते हैं। यह समाज में बदलाव लाने के लिए एक सामाजिक आंदोलन है। पूर्व छात्र परिषद प्रमुख शशि कुमार दूबे ने हाल ही में विद्या भारती की ओर से नई शिक्षा नीति पर आयोजित की गई प्रतियोगिता की जानकारी भी साझा की। पूर्व छात्र नवनीत मिश्र ने कहा कि विद्या भारती का उद्देश्य समाज में समानता लाना, गरीबी को दूर करना और समाज में संस्कार व परंपरा का प्रसार करना है। विद्या भारती के पूर्व छात्र विद्या भारती के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके और ब्रांड एम्बेसडर बनकर समाज के कल्याण में अपना योगदान दे सकते हैं। इसका प्रमाण पत्र विद्या भारती द्वारा जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में अलग-अलग जगहों पर रह रहे पूर्व छात्र विद्या भारती पोर्टल के माध्यम से अपने शिक्षकों तथा पुराने साथियों से सम्पर्क भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विद्याभारती के एलुमनी नेटवर्क पर वर्तमान में लगभग दो लाख पूर्व छात्रों का पंजीयन हो चुका है।
