Tuesday, May 26, 2026
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Gonda News:बलिदान दिवस पर याद किए गए राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी

जेल परिसर में हवन व शांति पाठ के बाद अमर शहीद को दी गई श्रद्धांजलि

जानकी शरण द्विवेदी

गोण्डा। काकोरी ट्रेन डकैती काण्ड के अमर नायक राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी को उनके 94वें बलिदान दिवस पर जिला कारागार में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए एक सादे समारोह में याद किया गया। जनपद न्यायाधीश, जिलाधिकारी समेत अनेक वरिष्ठ न्यायिक, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में आर्य समाज द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन एवं शांति पाठ कराया गया। बाद में जेल परिसर में उनके फांसी स्थल पर स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।

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Gonda News:बलिदान दिवस पर याद किए गए राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी

गुरुवार को आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अमर शहीद लाहिड़ी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के उपरान्त उन्हें सलामी दी गई और राष्ट्रगान की धुन बजाई गई। श्रद्धांजलि सभा एवं सलामी के उपरान्त आयोजित समारोह में सर्वधर्म समभाव के तहत सभी धर्मों के धर्म गुरूओं द्वारा शांति पाठ किया गया। इस अवसर पर लाहिड़ी जी के जीवन एवं बलिदान पर प्रकाश डालते हुए जिला जज संजय शंकर पाण्डेय ने अमर शहीद लाहिड़ी जी के अन्तिम वाक्य ‘‘मैं मरने नहीं जा रहा, अपितु आजाद भारत में पुनर्जन्म लेने जा रहा हूं’’ दोहराते हुए कहा कि लाहिड़ी जी का जीवन राष्ट्र प्रेम का एक जीवन्त उदाहरण है। हम सबको उनसे प्रेरणा लेते हुए देश हित के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना चाहिए। यही लाहिड़ी जी के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल ने कहा कि लाहिड़ी जी जैसे व्यक्तित्व और सच्चे राष्ट्र भक्तों के बलिदानों के कारण ही हम सब भारतीय आज आजाद भारत में सांस ले पा रहे हैं। उन्होने लोगों का आहवान करते हुए कहा कि इस अवसर पर हम सबको निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा का संकल्प लेना चाहिए और आजादी के दीवानों के सपनों का भारत बनाने में अपना योगदान करना चाहिए।

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Gonda News:बलिदान दिवस पर याद किए गए राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी

मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी हरीराम ने कहा कि लाहिड़ी जी का बलिदान भारत के युवाओं के लिए सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश को गुलामी की दास्तां से मुक्ति दिलाने के लिए 26 वर्ष की उम्र में अपने देश के लिए फांसी के फन्दे को हंसते हुए चूमने वाले अमर शहीद लाहिड़ी जी का सम्पूर्ण जीवन प्रेरणा से भरा हुआ है। नगर मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी ने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में देश के विकास में युवाओं की भागीदारी होना आवश्यक है और इसकी प्रेरणा के लिए लाहिड़ी जी का जीवन दर्शन सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से अपील की कि वे सब अपने बच्चों के देश के नायकों के बारे में जरूर बताएं तथा उनके जीवन दर्शन के प्रति प्रेरित करें। समारोह के बाद लाहिड़ी उद्यान परिसर में पौधरोपण किया गया। इसके उपरान्त सभी अधिकारियों ने फांसी स्थल को भी देखा, जहां पर लाहिड़ी जी को फांसी दी गई थी।
कार्यक्रम के दौरान बलरामपुर के विधायक पल्टूराम, मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी, एएसपी महेन्द्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट वन्दना त्रिवेदी, जेल अधीक्षक शशिकान्त सिंह, एसडीएम सदर कुलदीप सिंह, सीओ सदर लक्ष्मीकान्त गौतम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. इन्द्रजीत प्रजापति, डीजीसी क्रिमनल बसन्त शुक्ला, बार एसोशिएसन के अध्यक्ष दीनानाथ त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष रविचन्द्र त्रिपाठी, शारदा कान्त पाण्डेय, रेखा श्रीवास्तव, समाज सेवी धर्मवीर आर्य, माधवराज सिंह, परसपुर विकास मंच के अरूण सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक व अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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