विभाग के मुख्य आकर्षण के रूप में सजाया जाएगा ‘सेल्फी प्वाइंट’
बुधवार को गोंडा सदर व उतरौला परिमण्डल में निकाली जाएगी प्रभात फेरी
जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में डाक विभाग ने बड़ी तैयारी की है। इसके तहत हर घर तिरंगा योजना के अंतर्गत डाक घरों से न केवल तिरंगे का वितरण होगा बल्कि डाकघरों में सेल्फी प्वाइंट भी होगा, जहां आमजन यानी देश प्रेमी तिरंगे संग सेल्फी ले सकेंगे। इसके अलावा भी विभाग की तरफ से कई अन्य तैयारियां की जा रही हैं, जो आजादी के अमृत महोत्सव में चार चांद लगाने का काम करेंगी। यह जानकारी देते हुए गोंडा परिमण्डल के डाक अधीक्षक हिमांशु तिवारी ने बताया कि डाक विभाग ने अमृत महोत्सव के तहत लागू हर घर तिरंगा योजना के तहत ‘सेल्फी प्वाइंट’ भी बनाया जा रहा है। इसके देखरेख की जिम्मेदारी नितिन विश्वास व राम लगन को सौंपी गई है। यहां सेल्फी लेने के बाद हैशटैग इंडिया पोस्ट संग इंडिया पोस्ट व अमृत महोत्सव हैंडल को टैग कर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा सकेगा। इसके साथ ही गोंडा परिमण्डल के सभी पांच उप मण्डलों में डाक कर्मियों और आम जनों के साथ ही प्रभातफेरियां भी निकाली जा रही हैं। बलरामपुर उप मण्डल में पांच अगस्त को प्रभात फेरी निकाली जा चुकी है। सदर व उतरौला उप मण्डल में 10 अगस्त को, नवाबगंज उप मण्डल में 11 को तथा कर्नलगंज उप मण्डल को 12 अगस्त को प्रभात फेरी निकाली जाएगी। 15 अगस्त को गोंडा और बलरामपुर के प्रधान डाकघर प्रातः सात बजे प्रभात फेरी निकालेंगे। प्रभात फेरी के दौरान सभी कर्मचारियों के हाथ में तिरंगा होगा, जिसे उनके द्वारा बाद में अपने घरों पर फहराया जाएगा। प्रभातफेरी के समय देशभक्ति गीत की धुन बजाया जायेगा। 13, 14 एवं 15 अगस्त को दोनों प्रधान डाकघरों में आजादी के गाने बजेंगे। स्वाधीनता दिवस पर इन्हें झालर से सजवाया जाय। झालर इस प्रकार लगाई जाएगी कि वह तिरंगा के कलर और आकार में दिखाई पड़े। स्वाधीनता दिवस पर उप डाकघरों को गुब्बारे एवं फूलों से सजवाए जाने का निर्देश दिया गया है। इस कार्य पर 300 रुपए तक खर्च किया जा सकता है। त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक उप पोस्टमास्टर अपने पोस्टमैन व वितरण कर्मचारियों के माध्यम से झण्डा की बिक्री भी कराएंगे। सभी पोस्टमैन प्रतिदिन ड्यूटी पर वर्दी में रहेगें। काउण्टर द्वारा तिरंगा बेचते समय प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ सेल्फी लिए जाने का भी निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा तिरंगों की आनलाइन बिक्री भी की जा रही है। जिले से अब तक मिले क्रय आदेश का 94 फीसद तिरंगे का वितरण कराया जा चुका है। इसके साथ ही सभी डाकघरों में भी सस्ते दाम पर तिरंगा उपलब्ध है। मात्र 25 रुपए में अपने निकटतम डाकघर से खरीद सकते हैं। उन्होंने बताया कि सहायक अधीक्षक (मुख्यालय) बीपी सिंह को समस्त कार्यक्रमों का पर्यवेक्षणीय अधिकारी बनाया गया है। इस तरह इस बार स्वतंत्रता दिवस यानि आजादी के अमृत महोत्सव को यादगार बनाया जाएगा।
तिरंगे पर 75 रुपए मूल्य का स्मारक डाक टिकट जारी
आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर डाक विभाग ने नई दिल्ली में तिरंगे झंडे पर आज 75 रुपए कीमत का स्मारक डाक टिकट जारी किया है। इसमें तिरंगे की विकास यात्रा दिखाई गई है। इस टिकट पर तिरंगा अपनाने लेकर अब तक जितने भी बदलाव हुए हैं, उनको दर्शाया गया है। 1905 में तिरंगा अपनाने से लेकर तक छह बार बदलाव हुए हैं। इस डाक टिकट पर छह तस्वीरें छापी गई हैं। इसके पहले फोटो में झंडे पर बांग्ला भाषा में वंदे मातरम लिखा हुआ है। झंडे के बीच में हिंदू देवता इंद्र के शस्त्र बज्र की आकृति को दिखाया गया है। इस भारतीय झंडे को पहली बार साल 1905 में अपनाया गया था। इस झंडे को स्वामी विवेकानंद की शिष्या और सिस्टर निवेदिता ने डिजाइन किया था। दूसरे नंबर की तस्वीर में तिरंगे पर तीन पट्टी बनाई गई हैं। इसमें ऊपर में हरे रंग पट्टी पर आधे खुले हुए आठ कमल के फूल हैं। बीच में पीले रंग पट्टी पर देवनागरी लिपि में वंदे मातरम लिखा हुआ है। नीचे लाल रंग की पट्टी पर बाएं भाग के हिस्से में सूर्य और दाएं भाग में आधा चांद है। इस झंडे को साल 1906 में अपनाया गया था। इस झंडे को सबसे पहले बंगाल विभाजन के विरोध में भारत एकता प्रदर्शित करने के लिए सुरेन्द्र नाथ बनर्जी ने कलकत्ता में फहराया था। तीसरे नंबर की तस्वीर में तिरंगे के सबसे ऊपर हरे रंग वाले भाग में 8 कमल के फूल, बीच में केसरिया रंग वाले भाग में देवनागरी में वंदे मातरम लिखा हुआ है और नीचे लाल रंग वाले भाग में सूर्य और आधा चांद है। इस तिरंगे को साल 1907 में मैडम भीकाजी कामा और वीर सावरकर के साथ साथ श्यामजी कृष्ण वर्मा ने डिजाइन किया था। चौथी तस्वीर में तीन पट्टियां बनाई गई हैं। तीनों पट्टियों के भाग में एक सफेद रंग का चरखा दिखाया गया है। इन तीन पट्टियों पर ऊपर में सफेद, बीच में हरा और नीचे की तरफ लाल रंग है। इस तिरंगे को साल 1921 में आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव के युवक पिंगली वेंकैया ने डिजाइन किया था। पांचवीं तस्वीर में तिरंगे में सबसे ऊपर केसरिया रंग, बीच में सफेद रंग की पट्टी पर गहरे नीले रंग का चरखा अंकित है। नीचे के हिस्से में हरा रंग दिखाया गया है। इस तिरंगे को यह रूप साल 1931 में दिया गया। छठी तस्वीर में राष्ट्रीय ध्वज के वर्तमान स्वरूप को एक गोले में दिखाया गया है। बीच वाले भाग में चरखे को हटाकर अशोक चक्र को दिखाया गया है। इस तिरंगे को 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने स्वीकार किया था। 14-15 अगस्त की आधी रात को हंसा मेहता ने संसद में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को राष्ट्रीय ध्वज भेंट किया था।

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