साझा लक्ष्य पर जोर, लेकिन शिक्षा व्यवस्था की नकारात्मक तस्वीर बनी चिंता का कारण
अतुल भारद्वाज
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में बुधवार को जन जागरूकता के अंतर्गत समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश विषय पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य यह था कि स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होने तक Developed Uttar Pradesh बनाने के लिए जन सहभागिता के माध्यम से ठोस सुझाव एकत्र किए जाएं।
आइक्यूएसी समन्वयक प्रो. जितेंद्र सिंह के संचालन में महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने छात्रों और प्राध्यापकों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षा और नवाचार Developed Uttar Pradesh बनाने की सबसे बड़ी कुंजी हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे अपने व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत करें, जिनसे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश भी developed nation की दिशा में कदम बढ़ा सके।
छात्र-छात्राओं में तलत माल्या, अनूप तिवारी, बुशरा, साक्षी तिवारी और प्रिया शुक्ला ने अपने विचार रखते हुए शिक्षा, नवाचार और रोजगार पर जोर दिया। मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने विकसित उत्तर प्रदेश के लिए बिंदुवार सुझाव रखे और स्पष्ट किया कि साझा लक्ष्य तभी पूरा होगा जब समाज का हर वर्ग इसमें योगदान देगा।
सेवानिवृत्त आईएएस राम नारायण यादव ने शासन के सुझाव संकलन अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह केवल सरकार का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का मिशन है। डीएसटीओ अरुण कुमार सिंह ने Vision 2047 को एक संकल्प बताया और कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम Developed Uttar Pradesh बनाकर उसे विश्व पटल पर आदर्श के रूप में प्रस्तुत करें।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य प्रो. वंदना सारस्वत ने कहा कि संसाधन पर्याप्त हैं, लेकिन हमें समाधानमूलक सोच विकसित करनी होगी। इसी तरह जिला विद्यालय निरीक्षक रामचंद्र ने गोंडा जिले की शिक्षा व्यवस्था की कमियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजकीय इंटर कॉलेज में 10 प्रवक्ताओं के स्थान पर केवल 2 प्रवक्ता कार्यरत हैं। यह असंतुलन छात्र-शिक्षक अनुपात को बिगाड़ रहा है और प्रदेश के developed होने में बड़ी बाधा है।
जिला विकास अधिकारी सुशील श्रीवास्तव ने ‘समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश’ की संकल्पना पर बल दिया और कहा कि शासन ने सुझावों के लिए Samarth portal उपलब्ध कराया है, जहां आम नागरिक भी अपने विचार दर्ज कर सकते हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रवींद्र कुमार ने कहा कि हमें सभी स्तरों पर मिलकर नवोन्मेषी कार्यक्रमों को बढ़ावा देना होगा। मीडिया प्रभारी प्रो. जय शंकर तिवारी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि रोजगारपरक शिक्षा का प्रावधान तो है, लेकिन अवसंरचना की कमी बड़ी बाधा बनी हुई है। Developed Uttar Pradesh का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब युवाओं को रोजगारपरक पाठ्यक्रम और प्रभावी प्रशिक्षण मिलेगा।
डॉ. रेखा शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय स्तर पर उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जा रहा है ताकि विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनें। कार्यक्रम के अंत में बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रो. अमन चंद्रा, प्रो. जे. बी. पाल, प्रो. अरविंद शर्मा, पवन कुमार सिंह, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. वंदना भारतीय, डॉ. अरुण प्रताप सिंह, डॉ. धर्मेंद्र शुक्ला सहित अनेक प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

यह भी पढें : मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय: बनेगा भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और आधुनिक विज्ञान का संगम
पोर्टल की सभी खबरों को पढ़ने के लिए हमारे वाट्सऐप चैनल को फालो करें: https://whatsapp.com/channel/0029Va6DQ9f9WtC8VXkoHh3h अथवा यहां क्लिक करें : www.hindustandailynews.com
कलमकारों से: तेजी से उभरते न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com पर प्रकाशन के इच्छुक कविता, कहानियां, महिला जगत, युवा कोना, सम सामयिक विषयों, राजनीति, धर्म-कर्म, साहित्य एवं संस्कृति, मनोरंजन, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीक इत्यादि विषयों पर लेखन करने वाले महानुभाव अपनी मौलिक रचनाएं एक पासपोर्ट आकार के छाया चित्र के साथ मंगल फाण्ट में टाइप करके हमें प्रकाशनार्थ प्रेषित कर सकते हैं। हम उन्हें स्थान देने का पूरा प्रयास करेंगे : अतुल भारद्वाज, सम्पादक मोबाइल: 8619730058 E-Mail: hindustandailynews1@gmail.com
