Monday, March 2, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयचर्च में धमाका से दहला दमिश्क, 22 की दर्दनाक मौत

चर्च में धमाका से दहला दमिश्क, 22 की दर्दनाक मौत

आत्मघाती आतंकी ने चर्च में की गोलीबारी और फिर खुद को उड़ाया

चर्च में धमाका के बाद मची चीख-पुकार, अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय सुसाइड अटैक

इंटरनेशनल डेस्क

दमिश्क (सीरिया)। खाड़ी देश सीरिया की राजधानी में रविवार को एक चर्च में धमाका होने से 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि 63 से अधिक लोग घायल हो गए। राजधानी दमिश्क के ड्वेला इलाके में स्थित सेंट एलियास चर्च में धमाका उस समय हुआ, जब रविवार की प्रार्थना में जुटे सैकड़ों लोगों के बीच एक आत्मघाती आतंकी ने पहले गोलीबारी शुरू की और फिर खुद को विस्फोट से उड़ा लिया।

सीरिया के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह हमला दाएश (इस्लामिक स्टेट) से जुड़े एक आतंकी ने अंजाम दिया। मंत्रालय के अनुसार, हमलावर ने चर्च में घुसते ही अंधाधुंध फायरिंग की और जब लोग इधर-उधर भागने लगे तो उसने अपनी बेल्ट में बंधे विस्फोटकों से खुद को उड़ा लिया। चर्च में धमाका के कारण पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। चर्च की दीवारें चटक गईं, खिड़कियां टूट गईं और फर्श पर खून के धब्बे फैल गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चर्च के अंदर मंजर बेहद भयावह था। लॉरेंस मामारी, जो हमले के समय चर्च के भीतर थे, ने बताया, ‘हम प्रार्थना कर ही रहे थे कि अचानक गोलियों की आवाजें आने लगीं। सब लोग घबरा गए। कुछ लोग हमलावर को रोकने के लिए उसकी ओर दौड़े, लेकिन उसने विस्फोट कर दिया।’ वहीं पास की दुकान में मौजूद जियाद हेलो ने कहा, ‘गोलियों की आवाज आई और फिर एक भयंकर धमाका। ऐसा लगा जैसे जमीन हिल गई हो।’

यह भी पढें: युवक को जिंदा जलाना पड़ा भारी, मिली उम्रकैद

चर्च में धमाका के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस और आपात सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचीं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि घायलों में कई बच्चों और महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

हमले के बाद चर्च के अंदर की जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। बेंचें टूटी हुई हैं, फर्श खून से रंगा हुआ है और जगह-जगह जले हुए कपड़े और बाइबल बिखरी पड़ी हैं। चर्च में धमाका ने न सिर्फ सीरिया को बल्कि पूरे विश्व समुदाय को झकझोर दिया है।

गौरतलब है कि सीरिया में 2011 से गृहयुद्ध जारी है। इस दौरान देश के सामाजिक, धार्मिक और सांप्रदायिक ताने-बाने पर गहरा असर पड़ा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, देश में ईसाई अल्पसंख्यकों की आबादी पहले के मुकाबले एक तिहाई रह गई है। ऐसे में चर्च में धमाका ईसाई समुदाय के लिए एक बड़ा आघात है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब सीरियाई सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दिखाने की कोशिश कर रही थी कि देश अब धीरे-धीरे स्थिरता की ओर लौट रहा है।

यह भी पढें: यात्रा से पहले पढ़ लें ये खबर! एयर इंडिया की दर्जनों अंतरराष्ट्रीय उड़ानें हुईं रद्द

इस आत्मघाती हमले ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई मानवाधिकार संगठनों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि चर्च में धमाका जैसे कृत्य धार्मिक असहिष्णुता और आतंक के खिलाफ ठोस नीति की मांग करते हैं।

हमले के बाद सरकार ने पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है। चर्च परिसरों के आसपास सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है और सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है। हालांकि सवाल यह है कि क्या यह पर्याप्त है? क्या यह चर्च में धमाका जैसे हमलों को रोक पाएगा?

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र, वेटिकन और कई देशों ने हमले की कड़ी निंदा की है और सीरिया से धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। चर्च में धमाका को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से गंभीर प्रतिक्रिया आ रही है, और उम्मीद की जा रही है कि इस बार सिर्फ बयान नहीं, ठोस कार्रवाई भी होगी।

यह भी पढें: Iran Israel War: अमेरिकी बमबारी के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ा संकट

RELATED ARTICLES

Most Popular