राज्य डेस्क
बंगलूरू। कर्नाटक के कालाबुरागी में महिला जिलाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद भाजपा विधायक पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। भाजपा के एमएलसी और मुख्य सचेतक एन रवि कुमार के खिलाफ स्टेशन बाजार थाने में मामला दर्ज हुआ है। एफआईआर 24 मई की उस रैली को लेकर दर्ज की गई है, जिसमें रवि कुमार ने उपायुक्त फौजिया तरन्नुम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी।
24 मई की रैली में हुआ था पूरा घटनाक्रम
24 मई को भाजपा की ‘कलबुर्गी चलो’ रैली के दौरान एमएलसी रवि कुमार ने जिला प्रशासन को कांग्रेस समर्थित बताते हुए डीएम पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि फौजिया तरन्नुम पाकिस्तान से आई हुई लगती हैं। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने कड़ी निंदा की और कार्रवाई की मांग की। मामला बढ़ने पर भाजपा विधायक पर एफआईआर दर्ज की गई।
भाजपा विधायक की टिप्पणी ने भड़काई आग
रवि कुमार ने अपने भाषण में कहा था कि ‘जिला कलेक्टर दफ्तर ने अपनी आजादी खो दी है। मुझे नहीं पता कि वह पाकिस्तान से आई हैं या भारतीय अफसर हैं।’ इस बयान को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया और भाजपा विधायक पर एफआईआर दर्ज कर दी गई। अब सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारे तक इस मुद्दे पर भारी विवाद है।
कांग्रेस ने कहा-यह नफरत फैलाने की साजिश
कांग्रेस नेता और कर्नाटक सरकार में मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने बयान को नफरत फैलाने की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि एक महिला अफसर के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी सिर्फ उसकी कार्यप्रणाली नहीं, बल्कि उसकी पहचान पर भी हमला है। उन्होंने तत्काल भाजपा विधायक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, जो अब पूरी हुई।
भाजपा बचाव में, लेकिन स्थिति बिगड़ी
भाजपा ने बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया, लेकिन भाजपा विधायक पर एफआईआर की खबर आने के बाद पार्टी बैकफुट पर दिख रही है। स्थानीय स्तर पर भाजपा कार्यकर्ता रैली में प्रशासनिक भेदभाव का आरोप लगा रहे थे, वहीं अब विधायक खुद कानून के घेरे में हैं।
एफआईआर ने भाजपा की रणनीति पर डाला असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक में भाजपा विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस सरकार के खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। लेकिन भाजपा विधायक पर एफआईआर दर्ज होने से पार्टी की नैतिक स्थिति कमजोर हुई है। महिला अधिकारियों के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस अब आक्रामक होती दिख रही है।
पुलिस जांच शुरू, महिला अधिकारी ने नहीं दी प्रतिक्रिया
अब जबकि भाजपा विधायक पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है, पुलिस ने बयान और वीडियो फुटेज की जांच शुरू कर दी है। उपायुक्त फौजिया तरन्नुम की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार उन्होंने भी शिकायत दर्ज कराई है।
आने वाले दिनों में गहरा सकता है विवाद
कर्नाटक में भाजपा विधायक पर एफआईआर की यह घटना सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि महिला सम्मान और प्रशासनिक मर्यादा से जुड़ा मामला बन गई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की आशंका है।
यह भी पढें: प्राइमरी स्कूलों को लेकर हाईकोर्ट का अभूतपूर्व फैसला
पोर्टल की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें : www.hindustandailynews.com
हमारे वाट्सऐप चैनल को फालो करें : https://whatsapp.com/channel/0029Va6DQ9f9WtC8VXkoHh3h
कलमकारों से: पोर्टल पर प्रकाशन के इच्छुक कविता, कहानियां, महिला जगत, युवा कोना, सम सामयिक विषयों, राजनीति, धर्म-कर्म, साहित्य एवं संस्कृति, मनोरंजन, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीक इत्यादि विषयों पर लेखन करने वाले महानुभाव अपनी मौलिक रचनाएं एक पासपोर्ट आकार के छाया चित्र के साथ मंगल फाण्ट में टाइप करके हमें प्रकाशनार्थ प्रेषित कर सकते हैं। हम उन्हें स्थान देने का पूरा प्रयास करेंगे : जानकी शरण द्विवेदी, प्रधान संपादक मोबाइल- 9452137310 E-Mail : hindustandailynews1@gmail.com
