संवाददाता
बहराइच। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन के लिए 25 अक्टूबर तक संचालित किये जा रहे मिशन शक्ति अभियान के दौरान महिला थाना में आयोजित बाल-विवाह रोकथाम हेतु जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना ने कहा कि बालक बालिका में भेद न करें। सभी को समान रूप से अच्छी शिक्षा दिलाकर सशक्त बनायें। जब बालिका शिक्षित होती है तो वह दो परिवारों को शिक्षित करती है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन के लिए अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाआें का भरपूर लाभ उठायें। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजना कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिका के जन्म से लेकर शिक्षा ग्रहण करने तक की व्यवस्था की गयी है। बालिकाओं को शिक्षा व संस्कार दिलाकर उनके सही उम्र पर ही विवाह करें। बाल विवाह प्रतिशोध अधिनियम 2006 के अन्तर्गत 21 वर्ष से कम आयु के पुरूष एवं 18 वर्ष से कम आयु की महिला को बाल विवाह के रूप में परिभाषित किया गया है। बाल विवाह कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है बाल विवाह करने पर दण्ड का भी प्रावधान है। यदि किसी व्यक्ति को बाल विवाह की जानकारी होती है तो वह 1098 चाइल्ड लाइन हेल्प लाइन या 181 महिला हेल्प लाइन अथवा नजदीकी थाने या बाल कल्याण समिति या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है। बाल विवाह करने पर दो वर्ष का कठोर कारावास अथवा एक लाख रूपये तक का जुर्माना अथवा दोनों दण्ड दिये जा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सांस्कृतिकदल श्रीमंत भारतीय संगीत मंच के कलाकारों व एलईडी वैन द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन के सम्बंध में जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी जी.डी. यादव, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सिंह, सीडीपीओ दीपा गुप्ता, महिला थानाध्यक्ष मंजू पाण्डेय व अन्य सम्बन्धित लोग मौजूद रहे।
