संवाददाता
अयोध्या। जनपद मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर सोहावल चौराहे से उत्तर दिशा में बह रही सरयू नदी पर बने अयोध्या व जनपद गोण्डा को जोड़ने वाले ढेमवाघाट पुल में चार माह के भीतर दूसरी बार दरार दिखाई पड़ी है। पुल पर दरार दिखते ही क्षेत्र में हड़कंप से मच गया है। सोहावल क्षेत्र में सरयू नदी के ढेमवाघाट पर लगभग डेढ़ साल पहले एक अरब 29 करोड़ रुपये की लागत से 1135 मीटर लंबाई में नदी पर बनकर तैयार किए गए पुल में दूसरी बार दरार आ गई है। इस पुल के निर्माण में लगाई गई सीमेंट की बड़ी-बड़ी दो प्लेटों के बीच में पड़ी मोटी रबर की ज्वाइंट पट्टी नदी की धारा के ऊपर गिरकर लटक गई है। इसकी वजह से पिलर नंबर तीन और चार के बीच लगभग पांच से छह इंच की झड़ी दिख रही है। दो प्लेटों के बीच बढ़े गैप से नदी में पानी का तेज बहाव साफ दिखाई पड़ रहा है। इससे पहले चार माह पहले 24 अगस्त को इसी तरह की दरार पुल पर देखी गई थी। नवनिर्मित पुल में दूसरी बार दरार पड़ने की खबर से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के शासन काल के दौरान इस पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत सेतु निर्माण इकाई लखनऊ की ओर से की गई थी। वर्ष 2018 में लगभग 129 करोड़ रुपये की लागत से यह पुल बनकर तैयार हुआ था। अयोध्या-गोंडा-बलरामपुर जनपदों को जोड़ने वाले ढेमवा पुल से अभी सोहावल चौराहे से लेकर पुल तक सड़क का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। आस-पास के ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की ज्वाइंट प्लेट और रबर की पट्टी साल की पहली बरसात भी नहीं झेल पाई और माह अगस्त में ही गिर गई। इसके बाद अब शुक्रवार को भी दूसरी बार पुल में दरार दिखाई पड़ रही है। ज्वाइंट पुल के आपस में जुड़ी ज्वाइंट रबर प्लेट खिसकने से पुल में झड़ी दिख रही है। इसे लेकर किसी बड़ी दुर्घटना की लोग आशंका जता रहे हैं। क्षेत्रीय ग्रामीण पुल की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा कर रहे हैं। सेतु निगम के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर रोहन कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पुल की रबर पट्टी जल्द बदलवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि डीएम की सूचना पर टीम मौके पर जा रही है। पुल के सभी एक्सटेंशन ज्वाइंटर को जल्द ही बदलवा दिया जाएगा।
