Saturday, March 28, 2026
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 69 करोड़ से बनेगा 600 बेड का आठ मंजिला अत्याधुनिक अस्पताल

– निर्माण के लिए साढ़े सात एकड़ भूमि मुहैया, शासन से मिली मंजूरी

– न्यूरो व हार्ट के मरीजों के ऑपरेशन की भी होगी सुविधा, दक्ष चिकित्सक होंगे तैनात

मीरजापुर (हि.स.)। मां विंध्यवासिनी राजकीय स्वशासी चिकित्सा एवं शिक्षा महाविद्यालय (मेडिकल कालेज) स्वास्थ्य सुविधा व चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। 600 बेड का आठ मंजिला अत्याधुनिक चिकित्सालय बनने से मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी ही, न्यूरो व हार्ट के मरीजों का ऑपरेशन भी होगा। इसके लिए विशेषज्ञ भी तैनात किए जाएंगे। कुल मिलाकर एम्स व पीजीआई जैसी सुविधा देने की तैयारी चल रही है।

मेडिकल कालेज पर प्रत्येक रोगों के बेहतर इलाज के लिए करीब 100 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी। यही नहीं, मरीजों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए पिपराडाड़ स्थित मेडिकल कालेज परिसर में 600 बेड का अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण किया जाएगा। इससे अब बेड के अभाव में चिकित्सक मरीजों को अन्यत्र रेफर नहीं कर सकेंगे। साथ ही मरीजों को भी गैर जनपद व गैर प्रांत भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चिकित्सालय निर्माण के लिए मेडिकल कालेज प्रशासन की ओर से हास्टल के पीछे साढ़े सात एकड़ भूमि मुहैया कराने के लिए शासन को पत्र लिखा गया था, जिस पर मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही 69 करोड़ रुपये भी शासन से स्वीकृत हो गए हैं।

एक ही स्थान पर मिलेगी पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल की सुविधा

मेडिकल काॅलेज के पास 600 बेड का चिकित्सालय बनाने के पीछे काॅलेज प्रशासन की मंशा है कि काॅलेज के छात्र व छात्राएं वहीं पर पढ़ाई कर बगल में ही प्रैक्टिकल के लिए चले जाएं। इसके अलावा मंडलीय चिकित्सालय को नार्मल मरीजों के इलाज के लिए रखा जाएगा। गंभीर रोग जैसे कैंसर, हार्ट, न्यूरो, स्पाइन आदि से ग्रसित मरीजों का इलाज मेडिकल कालेज के पास नवनिर्मित चिकित्सालय में दक्ष चिकित्सक करेंगे यानी अब इन रोगों के मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी, प्रयागराज, पीजीआई व एम्स नहीं जाना पड़ेगा।

मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य बोले, कवायद शुरू

मां विंध्यवासिनी राजकीय स्वशासी चिकित्सा एवं शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य डा. आरबी कमल ने बताया कि सबकुछ रहा तो आने वाले समय में मेडिकल काॅलेज पीजीआई व एम्स जैसी सुविधाएं मिलेगी। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा की व्यवस्था कर ली गई है। अब मरीजों के लिए बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।

वर्तमान में है ये सुविधा

वर्तमान में मेडिकल काॅलेज में पांच सौ छात्र-छात्राओं को शिक्षा देने की व्यवस्था है। दो सत्र के छात्र-छात्राएं प्रवेश ले चुके हैं। तीसरे सत्र के छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिलाने की तैयारी चल रही है। अस्पताल की बात की जाए तो मंडलीय चिकित्सालय 155 बेड का है। उसके बगल में 145 बेड का भवन है। वहीं 88 बेड का महिला अस्पताल भी है। यहां लगभग 100 चिकित्सक तैनात हैं। जबकि मेडिकल कालेज को कुल 500 बेड का अस्पताल चाहिए।

मेडिकल काॅलेज की व्यवस्था

क्षमता: 500

वर्तमान में : 200

कोर्स: एमबीबीएस

बढ़े कोर्स: नर्सिंग, लैब टेक्निशियन, प्लास्टर के डिप्लोमा की अनुमति

मंडलीय चिकित्सालय की व्यवस्था

बेड क्षमता: 243

बेड का बढ़ेगा दायरा: 500

मौजूद चिकित्सक: 100

चिकित्सक की जरूरत: 200

औसतन मरीज: 2000

जांच की व्यवस्था: अल्ट्रासाउंट, एक्स-रे, रक्त जांच, डायलिसिस

एक ब्लड बैंक: 150 यूनिट की क्षमता

कमलेश्वर शरण/राजेश

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