प्रयागराज (हि.स.)। हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा प्रदेश के जिला न्यायालयों में कार्यरत 11 न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति राज्य सरकार को भेज दी है। अब इस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा और राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही कार्रवाई पर अंतिम मुहर लग जाएगी।
गत सप्ताह हुई फुल कोर्ट मीटिंग में हाईकोर्ट प्रशासन ने 8 अपर जिला जज व तीन उनसे नीचे के न्यायिक अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लेते हुए उनके अधिकार जब्त कर लिए हैं। इनमें से 10 अधिकारियों को समय पूर्व सेवानिवृत्ति देने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों पर विचार करते हुए फुल कोर्ट ने इन अधिकारियों को नियम 56सी के तहत निष्प्रयोज्य पाया है। उनके आचरण व व्यवहार न्यायपालिका की गरिमा के अनुरूप नहीं पाए गए।
फुल कोर्ट की बैठक में जिन पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया उनमें मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के एक पीठासीन अधिकारी के अलावा लखीमपुर, आगरा, कौशाम्बी, वाराणसी, उन्नाव व गोरखपुर के अपर जिला जज स्तर के अधिकारी तथा मुरादाबाद में एसीजेएम स्तर के एक अधिकारी, कानपुर नगर के स्पेशल सीजेएम स्तर के अधिकारी व हमीरपुर के सिविल जज सीनियर डिवीजन स्तर के अधिकारी के नाम शामिल है। कार्रवाई सूची में कुछ अन्य अधिकारियों के नाम भी शामिल किए गए थे मगर उनको फुल कोर्ट ने विचार के बाद राहत दे दी है।
