प्रयागराज (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाहुबली मुख्तार अंसारी के साले सरजील राजा उर्फ आतिफ राजा को चिकित्सकीय मदद मुहैया कराने की उम्मीद जताई है। परन्तु कोर्ट ने गिरोह बंद कानून के तहत मऊ के दक्षिण टोला थाने में दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ याचिका पर राहत देने से इंकार कर दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि याची अधीनस्थ अदालत में जमानत अर्जी दाखिल करे। याची का कहना था कि एक केस के आधार पर गिरोह बंद कानून में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। वह किसी गिरोह का सदस्य नहीं है और दर्ज आपराधिक केस में जमानत पर रिहा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एम.सी. त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति गजेन्द्र कुमार की खंडपीठ ने दिया है। याची व अन्य के खिलाफ दक्षिण टोला थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिसकी वैधता को चुनौती दी गई थी। किंतु बहस के बाद प्राथमिकी को रद्द करने की मांग पर बल न देते हुए कहा गया कि वह नियमानुसार जमानत अर्जी दाखिल करेंगे। सह अभियुक्त रवीन्द्र नारायण सिंह को जमानत मिल चुकी है। अन्य सह अभियुक्त अफसान अंसारी की याचिका खारिज कर दी गई थी। उसके खिलाफ एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट ने निस्तारित करते हुए हाईकोर्ट में पुनर्विचार अर्जी देने की छूट दी है। कहा गया कि याची कैंसर से पीड़ित हैं। उसके इलाज की व्यवस्था की जाये। जिस पर कोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी है।
आरएन
