Wednesday, March 4, 2026
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हरियाणा : निर्दलीय विधायकों ने की गुप्त बैठक, बढ़ी सियासी हलचल

-पूंडरी और नीलोखेड़ी विधायक आए किसानों के समर्थन में, चार विधायकों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात-जजपा विधायक जोगीराम सिहाग व सरकार से समर्थन वापस ले चुके निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान ने बनाई विधायकों के साथ रणनीति 

चंडीगढ (हि.स.)। किसान आंदोलन को लेकर सरकार से समर्थन वापस ले चुके दादरी से निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान के बाद दो और निर्दलीय विधायक किसानों के साथ खड़े हो गए हैं। दो निर्दलीय विधायकों के किसानों को समर्थन देने से सियासी हलचल बढ़ गई है। मंगलवार को पंचकूला में हरियाणा टूरिज्म के चेयरमैन एवं पूंडरी से निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन के आवास पर निर्दलीय विधायकों की गुप्त बैठक हुई। बैठक में विधायकों ने किसान आंदोलन को लेकर विचार-विमर्श किया। इस बैठक में सरकार से समर्थन वापस ले चुके दादरी विधायक सोमवीर सांगवान और जननायक जनता पार्टी (जजपा) से मुखर चल रहे बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग मौजूद रहे। पंचकूला में निर्दलीय विधायकों ने गुप्त बैठक करने के बाद चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की और किसान आंदोलन पर अपनी-अपनी राय दी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पृथला के विधायक नयनपाल रावत, पूंडरी के विधायक रणधीर गोलन, नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोदंर व बादशाहपुर से विधायक राकेश दौलताबाद मौजूद रहे। जबकि दादरी विधायक सोमवीर सांगवान व जजपा के विधायक जोगीराम सिहाग इस मुलाकात में शामिल नहीं हुए।निर्दलीय विधायकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष खुलकर किसानों की समस्याएं रखीं और जल्द ही समस्या का समाधान निकालने का भी आग्रह किया। इसके साथ ही पंजाब-हरियाणा के बीच एसवाईएल के मुद्दे को भी जल्द सुलझाने को लेकर बातचीत की गई।पूंडरी विधायक रणधीर गोलन और नीलोखेड़ी विधायक धर्मपाल गोदंर ने कहा कि वे किसानों के साथ खड़े हैं, यदि किसान उन्हें आंदोलन में शामिल होने को कहेंगे वे धरना स्थल पर जाकर समर्थन देने सभी गुरेज नहीं करेंगे। पृथला से विधायक नयनपाल रावत सरकार के साथ खड़े नजर आए। उनका कहना था कि उनके क्षेत्र से किसानों ने हिस्सा नहीं लिया है और किसान आंदोलन राजनीति से प्रेरित है। इसलिए वे सरकार के साथ हैं। 
सोमवीर सांगवान की बैठक में मौजूदगी के निकाले जा रहे हैं सियासी मायने दादरी से निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान के साथ निर्दलीय विधायकों की बैठक के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। जबकि खुद सोमवीर सांगवान भी यह बात कह चुके हैं कि कई निर्दलीय विधायक किसानों के मुद्दे पर उनसे संपर्क में हैं। लिहाजा इस बैठक को सियासी उठा-पटक के नजरिये से भी देखा जा रहा है। बता दें कि सोमवीर सांगवान से पहले महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू पहले ही सरकार से अलग हो चुके हैं और सिरसा से निर्दलीय विधायक गोपाल कांडा सरकार का हिस्सा नहीं बने थे। 
जजपा पर बढ़ा है दबाव, सरकार की भी बढ़ रही मुश्किलेंहरियाणा में सत्ता सहयोगी दल जजपा पर दबाव बढ़ने के साथ सरकार की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। भाजपा के 40 विधायकों के साथ जजपा के 10 विधायक सरकार में हैं, जिसमें से पांच किसानों के समर्थन में खड़े हैं। इनमें बरवाला से जजपा विधायक जोगीराम सिहाग शुरू से ही किसानों के मुद्दे पर पार्टी व सरकार की मुखालफत कर रहे हैं। उन्होंने किसानों के मुद्दे पर चेयरमैन का पद तक ठुकरा दिया था। शाहाबाद से विधायक रामकरण काला भी किसानों की मांगों को लेकर पैरवी कर रहे हैं। जुलाना विधायक अमरजीत ढांडा व नारनौंद विधायक रामकुमार गौतम ने किसान आंदोलन का समर्थन किया है। जबकि टोहाना से विधायक देवेंद्र बबली भी अंदरखाने किसानों के साथ हैं, लेकिन वे खुलकर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। 

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