रांची (हि.स.)। झारखण्ड सेक्टर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस मनाया। मौके पर ग्रुप केन्द्र रांची में मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक महेश्वर दयाल ने शहीदों को श्रद्धांजली अर्पित की । मुख्य अतिथि की और से सितम्बर 2019 से अभी तक देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहूती देने वाले सभी अर्द्धसैनिक बलों एवं राज्य पुलिस संगठनों के वीर शहीदों को याद करते हुए उनके नामों को पढ़कर सुनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड सेक्टर द्वारा शहीद कुलदीप कुमार उरॉव की पत्नी “वीर नारी” बन्धना उरॉव को शॉल प्रदान कर सम्मानित किया गया। मौके पर उन्होंने कहा कि सीआपीएफ के मार्गदर्शन एवं देख-रेख में देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों की पराक्रम को स्मरण करने एवं उनसे प्रेरणा लेने के लिए झारखण्ड सेक्टर में तैनात बल के विभिन्न कार्यालयों-बटालियनों में ‘‘पुलिस स्मृति दिवस‘‘ का आयोजन कोविड-19 महामारी से बचाव के संबंध में जारी सभी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए किया गया। शहीदों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजली देने के लिए सभी अर्द्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस संगठनों में प्रत्येक वर्ष दिनांक 21 अक्टूबर को ‘‘पुलिस स्मृति दिवस ‘‘ का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 की घटना का एक गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। आज से 61 वर्ष पहले 21 अक्टूबर 1959 को सीआरपीएफ की तीसरी बटालियन की एक कम्पनी में 21 जवानों के साथ उप निरीक्षक करम सिंह के नेतृत्व में भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा के लिए लद्दाख में तैनात किया गया था। जब सीआरपीएफ के 21 जवानों का गश्ती दल ‘‘हाॅट-स्प्रिंग में गश्त कर रही थी, तभी चीनी सेना के एक बहुत बड़े दस्ते ने इस गश्ती दल पर घात लगाकर आक्रमण कर दिया। उस समय बल के मात्र 21 जवानों ने चीनी आक्रमणकारियों का डटकर बहादुरी से मुकाबला किया जिसमें 10 शूरवीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। तब से लद्दाख का ‘‘हाॅट स्प्रिंग‘‘ देश के सभी अर्द्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस संगठनों के लिए एक तीर्थ स्थल माना जाता है, और प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को सभी अर्द्धसैनिक बलों एवं राज्य पुलिस संगठनों में ‘पुलिस स्मृति दिवस‘ के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक उषा किरण कण्डुलना, विशन स्वरूप शर्मा एवं बनर्जी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जवान उपस्थित थे ।
