मोहसिन
गोण्डा।
जिला कलेक्ट्रेट में बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता ने संवेदनशीलता की अनोखी मिसाल पेश की। जनता दर्शन में सुनवाई कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट को जब पता चला एक दिव्यांग फरियादी बाहर है तो सब काम छोड़ खुद उसके पास चल कर पहुंचे। तीन वर्षों से भूमि विवाद की समस्या से भटक रहे दिव्यांग की न सिर्फ फरियाद सुनी बल्कि उसको पानी वगैरह पिलवा कर हालचाल भी लिया। उन्होंने तत्काल समाधान के निस्तारण के लिए उप जिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। फिर क्या था तीन साल से इधर-उधर भटक रहे दिव्यांग की समस्या का तत्काल निस्तारण किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने दिव्यांग से काफी देर बातचीत की और उसके परिवार के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने दिव्यांग को अपना नम्बर उपलब्ध कराते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने आफिस कर्मियों को निर्देशित किया कि यदि कोई दिव्यांग या असहाय अपनी शिकायत लेकर आता है तो उसे सम्मान के साथ बैठाया जाए और उचित व्यवहार किया जाए। श्री गुप्ता ने बताया कि दिव्यांग की समस्या का निराकरण करा दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट की इस संवेदनशीलता से दिव्यांग इतना प्रभावित हुआ कि उसके आंसू निकल पड़े। आज दिन भर कलेक्ट्रेट में इसकी खूब चर्चा है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने दिखाई संवेदनशीलता, दिव्यांग फरियादी तक खुद पहुंचे
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