Tuesday, August 25, 2026
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सात विश्वविद्यालय व 50 डिग्री कॉलेज देंगे यूपी में उच्च शिक्षा को रफ्तार

-सीएम ने कहा फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट में जांच के साथ हो सकेगी पढ़ाई

लखनऊ (हि.स.)। प्रदेश सरकार ने साढ़े चार सालों में शिक्षा की तस्वीर बदलने का काम किया है। छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में बड़े पैमाने पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई। 250 नए इंटर कॉलेजों के साथ 1.38 लाख प्राइमरी स्कूलों का कायाकल्प किया गया। छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए दूर-दराज न जाना पड़े इसके लिए प्रदेश में सात नए विश्वविद्यालय व 50 महाविद्यालय बनाए जा रहे हैं। 35 नये राजकीय आईटीआई की स्थापना कर युवाओं के कौशल विकास का सपना पूरा करने का काम किया गया है।

प्रदेश सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। सात नए विश्वविद्यालयों व 50 डिग्री कॉलेजों के साथ लखनऊ में स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर फॉरेंसिक जांच के साथ छात्र फॉरेंसिक साइंस विषय में पढ़ाई कर सकेंगे। सीएम ने कहा कि फॉरेंसिक जांच में महीनों और सालों लग जाते थे लेकिन कमिश्नरी स्तर पर फॉरेंसिक व साइबर लैब स्थापित की गई है। इससे अपराधों से जुड़ी फॉरेंसिक जांचों में तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों की स्थिति सबको याद होगी। टूटे प्राइमरी स्कूल, आधा सत्र गुजरने के बाद बच्चों को किताबों का वितरण, स्कूलों से शिक्षकों का गायब रहना आम बात थी। योगी सरकार आने के बाद स्कूलों की तस्वीर बदलना शुरू हुई। बच्चों को बेहतर पढ़ाई का महौल देने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प शुरू किया गया। इसमें बच्चों के लिए शौचालय, बैठने के लिए बेंच, आर्कषक शिक्षण कक्षों का निर्माण हुआ। सुविधाएं बढ़ने के साथ स्कूलों में बच्चों की संख्या भी बढ़ती चली गई।

इन योजनाओं ने बदली माध्यमिक शिक्षा की तस्वीर

प्रदेश सरकार ने 250 नए इंटर कॉलेज शुरू किए। शिक्षकों के 5987 नये पदों पर भर्ती कर कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता में इजाफा किया। श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा के लिए 18 मण्डलों में अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना कर गरीब बच्चों के सपनों को पूरा किया। यूपी बोर्ड के मेधावी विद्यार्थियों के गांवों तक एपीजे अब्दुल कलाम गौरव पथ का निर्माण किया। वहीं, बालिकाओं को बेहतर शिक्षा देने के लिए 107 विकासखंडों में बालिका छात्रावास का निर्माण भी कराया जा रहा है।

आईटीआई में एससी-एसटी छात्रों को नि:शुल्क ट्रेनिंग

प्रदेश सरकार छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा के साथ उनके कौशल विकास का काम भी कर रही है। खासकर एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के लिए प्रदेश के सभी आईटीआई में नि:शुल्क ट्रेनिंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही पांच नए ट्रेड भी शुरू किए गए हैं।

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