Sunday, February 15, 2026
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सवारी रेल गाड़ियों को 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाने की तैयारियां शुरू

लखनऊ (हि.स.)। अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) मिशन रफ्तार के तहत मेल-एक्सप्रेस और सवारी रेल गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने पर तेजी से कार्य कर रहा है। सवारी रेल गाड़ियों की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा करने के लिए तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं। ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने से यात्रियों के समय की बचत होगी।
अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन के महानिदेशक वीरेंद्र कुमार ने शनिवार को बताया कि सवारी रेल गाड़ियों की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए नई दिल्ली-हावड़ा ,नई दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रायल चल रहा है। इसके साथ ही हाईस्पीड ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा की जाएगी। आत्मनिर्भरता और सहभागिता के तहत आरडीएसओ ट्रैक व्हीकल, स्विच रेल ट्रांसपोर्टेशन वैगन, बैलास्ट क्लीयरिंग मशीनें भी खरीदेगा।
दो इंजन वाली ट्रेनों का संचालन होगा आसान 
 महानिदेशक ने बताया कि ऐसे रेल खंडों पर जहां ट्रेनों में दो या तीन इंजन लगाने पड़ते हैं। वहां संचालन बेहतर बनाने के लिए आरडीएसओ डिस्ट्रीब्यूटेड पावर वायरलेस कंट्रोल सिस्टम पर काम कर रहा है। केंद्र सरकार के बजट में इसके लिए प्राविधान किया गया है। पूर्वी रेल जोन की छह-सात ट्रेनों में लगाकर इसकी टेस्टिंग भी चल रही है। इससे लोको पायलट सारे इंजनों को कमांड दे सकेंगे और मैनपावर भी कम लगेगा। 
आईआईटी की मदद से उन्नत होगी रेल
आरडीएसओ की आईआईटी और साइंस कांग्रेस से एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) करने की प्रक्रिया चल रही है। इसकी मदद से रेल को उन्नत बनाया जा सकेगा। इसके अलावा 12000 हॉर्स पावर के इंजनों को भी अत्याधुनिक बनाया जाएगा।
रेल ट्रैक की उम्र बढ़ाने के लिए हो रहा कार्य 

आरडीएसओ रेल ट्रैक की उम्र बढ़ाने और बोगियों की देखरेख के लिए व्हील कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम पर कार्य कर रहा है। इसमें ट्रैक के नीचे फाइबर ऑप्टिक सेंसर लगाए जाएंगे। जब रेल बोगियां या वैगन इससे गुजरेंगे तो उस पर पड़ने वाले भार के साथ बोगी की जानकारी मिल जाएगी। ऐसे में रेल बोगी में किसी तरह की कमी हुई तो उसे तत्काल ठीक करवाया जा सकेगा। 
इसके अलावा आरडीएसओ क्यूब कंटेनरों की डिजाइन का कार्य कर रहा है। इससे रेल यातायात पर होने वाले खर्च में 15 से 20 प्रतिशत की कमी हो सकेगी। ये क्यूब कंटेनर इस्तेमाल करने में भी आसान होंगे। इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी। 

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