Monday, April 13, 2026
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सपा मैनपुरी से तेज प्रताप और रामपुर से आजम की पत्नी तंजीन को लड़ा सकती है चुनाव

– अखिलेश यादव बुधवार तक घोषित कर सकते हैं उम्मीदवारों के नाम

– मैनपुरी सीट पर उम्मीदवार को लेकर चाचा शिवपाल व अखिलेश में बढ़ सकती है दूरी

लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में मैनपुरी लोकसभा सीट के अलावा रामपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने जा रहे हैं। मैनपुरी की सीट समाजवादी पार्टी (सपा) संरक्षक मुलायम सिंह यादव नेताजी के निधन के चलते खाली हुई है, जबकि रामपुर विधानसभा सीट सपा के दिग्गज नेता आजम खान को सजा होने के बाद उनकी सदस्यता जाने की वजह से खाली हुई है। सूत्रों की मानें तो सपा ने रामपुर उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार का नाम लगभग तय कर लिया है। सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव यहां से आजम खान की पत्नी को टिकट दे सकते हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार रामपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए सपा ने उम्मीदवार तय कर लिया है। रामपुर सीट पर पार्टी आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा को उम्मीदवार बना सकती है। अभी पार्टी ने इसका एलान नहीं किया है लेकिन एक-दो दिन में पार्टी तंजीन फातिमा के नाम का एलान कर सकती है।

इसके अलावा सपा मैनपुरी लोकसभा सीट पर यादव परिवार के किसी सदस्य को ही आगे करने का मन बना रही है। तेज प्रताप यादव का नाम टिकट के उम्मीदवारों में सबसे आगे चल रहा है। तेज प्रताप अखिलेश के भतीजे हैं और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के दामाद हैं। इस सीट पर अगर सपा तेज प्रताप यादव का नाम फाइनल करती है तो आखिलेश यादव और चाचा शिवपाल यादव के बीच की खाईं और गहरी हो सकती है।

शिवपाल यादव की इस सीट से लड़ने की है मंशा

सपा के कुनबे में तेज प्रताप के नाम की चर्चा तेज होने के साथ ही चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश के बीच तकरार बढ़ सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि शिवपाल यादव खुद इस सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं लेकिन पार्टी के जानकारों के मुताबिक अखिलेश अपने चाचा को किसी भी सूरत में इस सीट से चुनाव नहीं लड़ाएंगे।

वरिष्ठ पत्रकार सीपी सिंह का कहना है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मैनपुरी लोकसभी सीट पर उम्मीदवार लेकर मंथन कर रहे हैं। इसके पीछे उनके चाचा शिवपाल यादव से चली आ रही दूरी, जो नेताजी के निधन के बाद से कुछ हद तक कम होती दिख रही है। वहीं तेज प्रताप यादव को लेकर उनकी जिम्मेदारी है। देखना यह होगा कि वह ऐसे कठिन समय में इस सीट पर किसका नाम घोषित करते हैं। उधर, रामपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की बात करें तो आजम खान की सदस्यता जाने के बाद अखिलेश यादव का उनके ही परिवार के सदस्य को टिकट देकर नेताजी की तरह उनसे रिश्ते प्रगाढ़ करने की रहेगी। साथ ही इससे मुस्लिम वोट बैंक भी साधने में बल मिलेगा। इसको देखते हुए इस सीट पर वह आजम की पत्नी को मौका दे सकते हैं।

भारतीय निर्वाचन आयोग ने पांच नवंबर को दोनों ही सीटों पर चुनाव की तारीख का एलान कर दिया था। इन सीटों पर पांच दिसम्बर को मतदान होगा और आठ दिसम्बर को मतगणना होगी। इन सीटों पर उपचुनाव के लिए 10 नवम्बर से नामांकन शुरू होगा और 17 नवम्बर तक नामांकन हो सकेगा। 21 नवम्बर तक उम्मीदवार नामांकन वापस ले सकेंगे।

मोहित वर्मा

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