मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल की पहल पर चहारदीवारी की जगह प्रवेश द्वार बनाने का फैसला
वाराणसी (हि.स.)। श्री काशी विश्वनाथ धाम और अन्नपूर्णा मंदिर के बीच बन रहे दीवार को लेकर छिड़े विवाद का समापन रविवार देर शाम हो गया। वाराणसी परिक्षेत्र के कमिश्नर दीपक अग्रवाल और काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने मौके पर पहुंचकर विवाद का पटाक्षेप कराया।
श्री काशी विश्वनाथ धाम से अन्नपूर्णा मंदिर में आने के लिए अब उत्तर-दक्षिण दिशा में छह फीट चौड़ाई का प्रवेश द्वार बनाने का निर्णय लिया गया। लगभग आधा घंटा तक बातचीत के बाद अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने इस पर सहमति दे दी।
महंत शंकर पुरी ने मीडिया कर्मियों को बताया कि काशी विश्वनाथ धाम का मैंने कभी विरोध नहीं किया। बस मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर प्रशासन से गेट का स्थान और आकार बदलने की मांग की थी। आज शासन व प्रशासन ने मेरी मांग पर ध्यान दिया और हमारी मांगों पर सहमति बन गई है। काशी विश्वनाथ धाम और अन्नपूर्णा मंदिर के बीच बन रहे दीवार का निर्माण कार्य महंत शंकर पुरी ने विरोध कर रुकवा दिया था।
उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि पूर्व में मंदिर प्रशासन से दरवाजा खोलने की बात हुई थी। बाद में अधिकारी चुप्पी साध गये। इस बारे में मंदिर प्रशासन का कहना था कि मंदिर से सटी दुकान को लेकर महंत शंकर पुरी ने हामी भरी थी। वह दुकान देते हैं तो प्रवेश द्वार पर विचार किया जाएगा। महंत पुरी ने प्रशासन की किसी मांग को मानने से इनकार कर दिया था। मामला मीडिया में गरमाते ही कमिश्नर दीपक अग्रवाल व विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा अन्नपूर्णा मंदिर देर शाम पहुंचे और समस्या का समाधान निकाला ।
श्रीधर
