Tuesday, February 10, 2026
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शिकायतों के फौरी निस्तारण से नाखुश हैं CM, जानें अफसरों से क्या बोले

सीयूजी पर वरिष्ठ अधिकारी यथासंभव शिकायतकर्ता की बात स्वयं सुनें

प्रादेशिक डेस्क

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन शिकायतों के निस्तारण के तौर-तरीकों और गुणवत्ता से खुश नहीं हैं। उन्होंने जिलों में डीएम, एसपी, एडीएस, सीओ आदि के स्तर पर जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पूर्ण रवैया अपनाए जाने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कई अधिकारियों द्वारा सीयूजी फोन खुद न उठाए जाने को भी गंभीरता से लिया है और निर्देश दिया है कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सीयूजी नंबर वे खुद ही उठाएं। पिछले पांच सालों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण शीर्ष प्राथमिकता में रखा है और इसके लिए वह स्वयं समीक्षा भी करते रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि जनशिकायतों का जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि हर जिले में जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक, पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्त अपने कार्यालय में समस्त कार्य दिवसों में सुबह 10 से 11 बजे तक जन सुनवाई करें और वहीं पर समस्याओं का निस्तारण करें। यदि जनसुनवाई में अधिकारियों की अनुपस्थिति पाई गई तथा आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण नहीं होता है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की समस्या ज्यादा समय से लम्बित है, तो वरिष्ठ अधिकारी दूरभाष पर राजस्व व पुलिस अधिकारियों को निर्देशित कर समस्या का निस्तारण कराएं। विशेष कर भूमि संबंधी विवाद में पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक यदि आवश्यक हो तो राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई के समय अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों की यदि भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त होती हैं, तो कड़ी कार्रवाई की जाए। यदि कोई शिकायतकर्ता एक बार से अधिक शिकायत देता है तो समस्या के मूल कारण को समझकर दोषी कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जनसुनवाई के वक्त जनप्रतिनिधियों से प्राप्त जनसमस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण किया जाए। सीयूजी नम्बर पर वरिष्ठ अधिकारी गण स्वयं उत्तर दें। बताते चलें कि प्रदेश सरकार ने मंडल व जिला स्तरीय अधिकारियों को नियमित रूप से आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, तहसील, थाना दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। यह भी निर्देशित किया है कि जिस किसी ब्लाक, तहसील या थाने में अधिकतम मामले लम्बित हों, उनके संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। यह भी निर्देश दिया गया है कि जिला स्तरीय अधिकारी तहसील व थानों की विशेष समीक्षा करें और आवश्यकता हो तो भ्रमण भी सुनिश्चित कर मानक के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित करें।

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महत्वपूर्ण सूचना

जिले के युवा जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार और नवागत सीडीओ गौरव कुमार की अगुवाई में जिले में बड़े बदलाव की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। दोनों युवा अधिकारी Transforming Gonda के नारे के साथ जिले के चाल, चरित्र और चेहरे में आमूल चूल परिवर्तन लाना चाहते हैं। जिले के विकास के लिए शुरू की गई अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं इसी दिशा में किए जा रहे कोशिशों का परिणाम है। आगामी 21 जून को जब पूरा विश्व योग दिवस मना रहा होगा, तब योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि की जन्म स्थली पर इन दोनों अधिकारियों ने कुछ विशेष करने का निर्णय लिया है। लक्ष्य है कि जिले की बड़ी आबादी को उस दिन योग से जोड़ा जाय। इस क्रम में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने के लिए जनपद के ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए YOGA DAY GONDA नाम से एक फेसबुक पेज बनाया गया है। जिला प्रशासन की तरफ से जरूरी सूचनाएं, गतिविधियों आदि की जानकारी व फोटोग्राफ इत्यादि इसी पेज पर शेयर किए जाएंगे। कृपया आप इसका महत्वपूर्ण हिस्सा बनते हुए इससे जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पेज को LIKE करें तथा अपने परिचितों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।

https://www.facebook.com/YOGA-DAY-GONDA-104340082292555

जानकी शरण द्विवेदी
सम्पादक
www.hindustandailynews.com

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