Saturday, April 4, 2026
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व्यवसायिक शिक्षा के प्रति युवाओं का नहीं बढ़ रहा रूझान, प्रदेश के संस्थानों में 44 प्रतिशत सीटें खाली

-पिछले वर्ष भी खाली रह गयी थीं सीटें, अभी प्रवेश की तिथि पुन: बढ़ने के आसार

लखनऊ(हि.स.)। सरकार की मंशा युवा वर्ग को अधिकतम व्यवसाय से जोड़ने और दूसरों को नौकरी देने लायक बनाने की है। इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, इसके बावजूद युवाओं का रूझान व्यवसायिक शिक्षा के प्रति बढ़ता हुआ नहीं दिख रहा है। स्थिति यह है कि प्रदेश के सरकारी व्यवसायिक शिक्षा संस्थानों में दाखिले के लिए एक बार तिथि बढ़ाने के बावजूद अभी तक सरकारी संस्थानों में 44 प्रतिशत सीटें खाली हैं।

प्रदेश के सरकारी संस्थानों के लिए पहली सूची में करीब 98 हजार अभ्यर्थियों की मेरिट जारी की गयी थी। पहली बार 23 अगस्त तक दाखिले की अंतिम तिथि रखी गयी थी, लेकिन दाखिले के लिए कम अभ्यर्थी ही पहुंचे। इसके बाद 25 अगस्त तक अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया। इसके बावजूद अभ्यर्थियों में कोई खास इजाफा नहीं हुआ और अब तक सरकारी स्कूलों में पूरे प्रदेश में लगभग 55 हजार अभ्यर्थी ही दाखिला लिये हैं अर्थात अभी भी लगभग 44 फीसदी सीटें खाली हैं। अभी भी दाखिले के लिए अंतिम पुन: जारी किये जाने की संभावना है।

वहीं प्रदेश के निजी संस्थानों में कुल तीन लाख 38 हजार सीटें हैं, लेकिन वहां दाखिले के लिए एक लाख 31 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। पिछली बार भी प्रदेश के व्यवसायिक संस्थानों में लगभग 30 प्रतिशत सीटें खाली रह गयी थीं। जानकारों की मानें तो इसका कारण व्यवासायिक शिक्षा के प्रति रूचि रखने वाले अभ्यर्थी अब आसानी से पाॅलिटेक्नीक व इंजीनियरिंग में दाखिला पा जाते हैं। इस कारण वे आईटीआई के प्रति कम रूचि दिखाते हैं।

उपेन्द्र

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