नई प्रजातियों पर हो बराबर शोध, किसानों तक पहुंचे जानकारी
कानपुर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने को लेकर दृढ़ संकल्पित है। इसके लिए वैज्ञानिकों को भी आगे आना होगा तभी किसान लाभ उठा पाएगा। गन्ना के क्षेत्र में भी बराबर शोध हों और वैज्ञानिक विधि के साथ किसानों को जानकारी पहुंचाई जाये। यह बातें मंगलवार को कानपुर पहुंची राष्ट्रीय शर्करा संस्थान में केन्द्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कही।
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा ग्रामीण विकास विभाग की केन्द्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति मंगलवार को राष्ट्रीय शर्करा संस्थान कानपुर के कार्य कलापों की समीक्षा बैठक की। संस्थान के निदेशक ने मंत्री को संस्थान के द्वारा शिक्षण,अनुसन्धान एवं परामर्श के क्षेत्र मे किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। निदेशक प्रो नरेंद्र मोहन ने बताया कि गत वर्षों में संस्थान की वैश्विक स्तर पर पहचान बनी है। संस्थान को कैमरून एवं इंडोनेशिया से वहां की चीनी मिलों मे कार्यरत तकनीकी कर्मियों को ट्रेनिंग प्रोग्राम चलने के लिए अनुरोध प्राप्त हुए हैं, जिसके सम्बन्ध में एक प्रस्ताव मंत्रालय को अनुमोदन के लिए भेजा गया है। साथ ही नाइजीरिया से भी वहां के चीनी उद्योग के मास्टर प्लान की प्रोग्रेस का परिक्षण करने के लिए सहयोग मांगा गया है।
रिक्त पदों पर जाहिर की चिंता
राज्य मंत्री ने संस्थान के कार्य कलापों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों में संस्थान के पाठ्क्रमों का प्रचार करने के साथ साथ कुछ अल्प अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें, ताकि संस्थान द्वारा विकसित तकनीकों पर आधारित छोटे एवं कुटीर उद्योग स्थापित हों। जिससे रोजगार के नए अवसर बने तथा ग्रामीण क्षेत्रों का विकास हो सके। उन्होंने गन्ना किसानों को नयी प्रजातियों एवं वैज्ञानिक विधियों से गन्ना उत्पादन के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया। वहीं संस्थान में लम्बे समय से रिक्त पदों के सम्बन्ध उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि मंत्रालय स्तर पर इस विषय पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।
