फर्रुखाबाद (हि.स.)। जिले में 20 फरवरी को होने जा रहे चुनाव में चुनावी वैतरणी पार करने के लिए सभी दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है। जिले की चारों विधान सभाओं में सबसे दिलचस्प लड़ाई भोजपुर विधान में होने जा रही है। इस विधानसभा में भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
इस विधान सभा में राजा भोज की तरह कानून में पारदर्शिता लाने के लिए मतदाता फिर कमल खिलाने को बेताब हो गया है। इस विधान सभा में चुनाव हिन्दू व नाम मुसलमान हो गया है। जिसके पीछे सपा उम्मीदवार अरशद जमाल की हिन्दू विरोधी नीति बताई जा रही है।
इस विधान सभा क्षेत्र से भाजपा के नागेन्द्र सिंह राठौर ओर सपा के अरसद जमाल के बीच लड़ाई होने जा रही है। हालात यह है कि सपा उम्मीदवार अरसद जमाल हिन्दू मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने के लिए भाड़े के चुनाव प्रचारकों का प्रयोग कर रहे हैं। उनकी इस सियासी चाल को मतदाता भली भांति समझ चुके है। राजा भोज का नाम के अस्तित्व बचाने के लिए मतदाता भाजपा को लाना जरूरी समझ रहा है। भाजपा के यहां आने से पहले खुलेआम पशु हत्या होती थी।
हिन्दू जाति का मतदाता घुट घुट कर यहां जीता था। मतदाताओं का मानना है कि भाजपा के आने के बाद यहां के अवैध बूचड़ खानों पर अंकुश लगा है। यदि उन्होंने यह भूल फिर दोहराई तो गोवंश यहां खोजे नहीं मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि भाजपा के आने से पहले यहां गांव से पड़ने आने वाली हिन्दू बेटियों से खुले आम बदसलूकी की जाती थी। भाजपा के आने के बाद बहन बेटियों ने राहत की सांस ली है।
इस वजह यहां का मतदाता भाजपा को चुनाव जिताने फैसला कर चुका है। 20 फरवरी को यहां होने जा रहे मतदान में फिर कमल खिलने के आसार प्रवल हो गए है। जो लोग अरसद जमाल के इर्द गिर्द है। वह खुद भाजपा को वोट देने की बात कह रहे हैं। इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने के बाद हिन्दू कार्ड शुरू हो गया है। जिसका कोई काट सपा उम्मीदवार अरसद जमाल के पास नहीं है।
चन्द्रपाल
