लेखक- नरेन्द्र भारती
देश में कोरोना महामारी की रफतार तेजी से बढती जा रही है। लाशों के अंबार लग रहे है। पिछले 24 घंटों में 3 लाख के करीब मामले समने आए है जबकि 2023 लोगों की कोराना से असमय मौत हो गई है। देश में एक दिन में 1य54 लाख लोगों ने कोराना को हरा दिया है।कोरोना महामारी के संक्रमण का विस्फोट होने से विस्फोटक हालात पैदा होते जा रहे है।कोरोना बेलगाम होता जा रहा है।एक दिन में हजारों लोगांें की मौते होने से हर भारतीय खौफजदा होता जा रहा है।सरकार ने देश में 2084 कोराना समर्पित अस्पताल बनाए है।12000 हजार से ज्यादा कोरोंटाईन केन्द्र बनाए है।अब तक 12ण्71 करोड़ लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है।तमाम राज्यों में अपने-अपने स्तर पर पावंदियां लगाई जा रही है।कहीं फाईव डे वीक का एंेलान किया है।आंकडों के मुताबिक देरूा में 1य55ष्28य186 लोग कोराना उसे संक्रमित हो चुके है।1य81य870 लोगों की मौते हो चुकी है।1य32य21य038 लोग स्वस्थ हो चुके है।वीआपी व राजनीतिज्ञ लोग भी संक्रमण की चपेट मे आ रहे है। पूरी दुनिया मे 30 लाख से उपर लोगों की मौत हो चुकी है।ंअसपतालों में आक्सीजन की कमी हो रही है। इलाज के लिए बैड कम हो गए है।भयावह स्थिितियां बनती जा रही है।इलाज के अभाव में लोग दम तोड़ रहे है।खतरा बढ़ता ही जा रहा है। प्रतिदिन लाखों के हिसाब से संक्रमण के मामले सामने आने से जनमानस भयभीत होता जा रहा है।लापरवाहियां ही इसके लिए जिम्मेवार है। मास्क नहीं पहने जा रहे है।
सावधनियां नहीं बरती जा रही है।मास्क न पहनने वालों को सबक सिखाया जाए ताकि बढ़ते सक्रमण पर रोक लग सके।हर राज्य में हाहाकार मचा हुआ है।परिवार के लोग बेमौत कोरोना के कारण मरते जा रहे है।एंम्बूलैस की गाड़ियां कम पड़ रही है। नतीजन आंकडों में बेतहाशा वृद्वि होती जा रही है।यह बहुत ही विनाशकारी सिद्ध हो रही है।हर रोज मौंतो का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।कोरोना तेजी से पांव पसार रहा है।बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक संक्रमित होते जा रहे है।परिवार के परिवार संक्रमण का शिकार हो रहे है। आंकड़ों में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई है।शहरों में भीड़ बढती जा रही है।प्रवासी वापस लौट रहे है।लापरवाहियां सामने आ रही है।बढ़ती मौतों का आंकडा बहुत ही भयावह तस्वीर प्रस्तूत कर रहा है।गावों में भी अब दस्तक दे रहा है।सर्तकता व संयम बरतनी होगी ताकि परिवार का हर सदस्य बचा रहे।कोराना से हर मानव को बचाव करना होगा।नियमों का सख्ती से पालन करना होगा ताकि जीवन बच सके।कोरोना ने हर आदमी में दहशत फैला दी है।कोरोना काल में हर मानव को सावधान रहना होगा।नकोरोना महामारी बुजुर्गो के लिए अभिशाप बन गई है।कोराना के कारण बुजुगों की मौते हो रही है। कोरोना काल में बुजुर्ग चारदीवारी में कैद हो गए है। लाईलाज बीमारीयों व असाध्य रोगों से ग्रस्त हो गए है।कोरोना ने मुसीबतें खड़ी कर दी है।बुजुर्ग आज चलने फिरने से लाचार हो गए है।कोरोना के बढ़ते मामलो से बुजुर्ग डरे हुए है।इलाज से महरुम हो चुके है।घर की दहलीज पर ही जिंदगी बिता रहे है।उम्र का तकाजा भी है कि कोरोना बुजुर्गो पर कहर ढा रहा है कहीं नहीं जा सकते।ढलती सांझें नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। कमरों में बंद हो चुके है।अभी न जाने कब तक कोराना वायरस का प्रकोप सहना पडे़गा। कोरोना महामारी रुकने का नाम नहीं ले रही है।संख्या में अप्रत्याशित वृद्वि बहुत ही चिंतनीय है।अस्पतालों में भी डर सताने लगा है।
बुजुर्गो ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ऐसे मुसीबत भरे दिन देखने पड़ेगें।अदृश्य बीमारी ने कोहराम मचा रखा है।बुजुगों का स्वास्थ्य गिरता जा रहा है।दवाईयां भी इस उम्र में असर नहीं करती हैं।समय पता नहीं कैसे कैसे दिन दिखएगा।कोरोना ने जीना हराम कर दिया है।महानगरों से गांव में फैलता जा रहा वायरस घातक सिद्व होता जा रहा है।गांव के गांव चपेट में आते जा रहे है।गांव में बुजुगों को खौफ सता रहा है।सावधानी से ही बुजुगों कों बचाया जा सकता है।सरकारों को भी वृद्वों को सुविधाएं देनी चाहिए। कोरोना काल में घर पर ही स्वास्थ्य जांच का अभियान चलाना चाहिए।दवाईयां उपलब्ध करवानी चाहिए।पहले भी महामारीयां फैलती थी।नवजात बच्चे भी कोरोना के शिकार होते जा रहे है।कोरोना का यह संकट एक विकट समस्या का रुप धारण करता जा रहा है।आंकडों की भयानक तस्वारें बहुत ही घातक है।कोरोना योद्धा अपना जीवन जोखिम में डालकर संक्रमितों को जीवनदान दे रहे है।देवदूत बनकर दिन-रात अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे है।तमाम राज्यों में कोरोना के मरीजों का गा्रफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है।कुछ समझदार व सवंेदनशील लोग खुद ही एंकातवास में रह रहे है मगर कुछ सक्रमण फैला रहे है और परिवार की जान जोखिम में डाल रहे है।
लापरवाह लोग नियमों की अबहेलना कर रहे है।अगर नियमों का नियमित पालन किया जाएगा तो कोरोना से जल्द ही मुक्ती मिल सकती है। कोरोना ने हर मानव को हिला दिया है।सावधानी बरतनी होगी।अगर लापरवाही बरती तो लम्बे समय तक घरों में ही कैद होकर रह जाओगे।हर तरफ कोरोना का कहर बरप रहा है एक दहशत का माहौल बन गया है।कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है।कोराना का अब गांव में कहर बरप रहा है।आपदा की इस बेला में हर मानव को सर्तकता बरतनी होगी तभी इस महामारी पर रोक लग सकती है।कोराना जिस रफतार व निवार्ध गति से पांव पसार चुका है वह बहुत ही घातक होता जा रहा है।कोरोना को हराना होगा।कोरोना के खिलाफ जागरुकता अभियान चलान होगा लोगों को जागरुक करना होगा।सरकारों व सामाजिक संगठनों व संस्थाओं को इसमें अपनी सहभागिता निभानी होगी।लोगों को भी इसमें भागीदारी निभानी होगी।एकजुटता से ही कोरोना पर प्रहार किया जा सकता है।कोरोना के कालचक्र से बचना होगा।अगर संक्रमण रोकना है तो लाॅकडाउन ही आखिरी विकल्प है।अगर लापरवाहियां नहीं रोकी गई तो हालातों पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा।बेकाबू हो रही कोराना की दूसरी लहर को काबू में किया जाए।यह देशहित में है।मनमानी करने वालों पर शिंकजा कसा जाए।कोराना के बढ़ते सैलाब को रोकना होगा।कोराना का कहर भंयकर होता जा रहा है।देश के लोगों को कोराना को हराने के लिए सावधानियां बरतनी होगी।तभी दूसरी लहर को हराया जा सकता है।कोराना हारेगा देश जीतेगा।सरकार को चाहिए की सख्त कदम उठाए जाएं।
विचार : कोरोना की बढ़ती रफतार, लाशों के लग रहे अंबारः कौन जिम्मेवार ?
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