-सुबह 09 बजे तक वाहन चालक लाइट जलाकर चले, ठंड में ठिठुरते स्कूल जा रहे बच्चे
वाराणसी(हि.स.)। दिसम्बर माह के तीसरे सप्ताह में बुधवार को धर्म नगरी काशी में पहली बार घने कोहरे की चादरों ने सुगम आवागमन को बाधित कर दिया। घने कोहरे के चलते सुबह 09 बजे तक वाहन चालक हेड लाइट जला कर चलते रहे। सुबह 09 बजे भगवान भाष्कर ने दस्तक दी लेकिन सूर्य की रश्मियों पर कोहरे और गलन का असर दिखा। मौसम के तेवर में आये बदलाव से न्यूनतम तापमान भी 10 डिग्री से कम हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में हल्की बारिश हुई तो ठंड और बढ़ेगी। पहाड़ों पर बर्फबारी होने के कारण हवा में नमी बढ़ गई है। आने वाले तीन-चार दिनों में घने कोहरे और ठंड बढ़ने के आसार हैं। जिले के ग्रामीण इलाकों के साथ ही शहरी इलाकों में भी कोहरे का असर देर तक बना रहा। घने कोहरे और ठंड के चलते सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को भी परेशानी होने लगी है। आवश्यक कार्य होने पर ही लोग सुबह घर से निकल रहे है। नहीं तो लोग घरों में ही दिन चढ़ने तक रह रहे है। घने कोहरे का असर गंगा घाटों पर भी देखा गया। बाहर से आये पर्यटक भी सुबह गंगातट पर जाने से परहेज कर रहे हैं। नियमित गंगा स्नान करने वाले नेमी श्रद्धालु कोहरे में भी गंगा में स्नान ध्यान करते रहे। उधर, घने कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार भी रोक दी है। ट्रेनों के विलम्बित रहने से रेल यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निर्धारित समय पर यात्री स्टेशन पर पहुंच रहे हैं। ट्रेन के घंटों लेट होने से उन्हें स्टेशन पर ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है।
श्रीधर
