– पितरकुंडा में युवाओं ने दी श्रद्धांजलि
वाराणसी (हि.स.)। भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर की सोमवार को प्रथम पुण्यतिथि है। वाराणसी में प्रशंसकों ने उन्हें बरसी पर शिद्दत से याद किया। डर्बीशायर क्लब के बैनर तले जुटे प्रशंसकों ने पितरकुण्डा त्रिमुहानी पर उनके चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।
क्लब के अध्यक्ष शकील अहमद जादूगर ने इस दौरान कहा कि आज ही के दिन मुम्बई के ब्रीच कैण्डी अस्पताल में हमारी चहेती और प्यारी लता दी ने अंतिम सांस ली थी। उनको फानी दुनिया से गये एक साल हो गये। विश्वास ही नहीं हो रहा कि लता दी आज हमारे बीच नहीं हैं। शकील ने कहा कि लता दी का सारा जीवन संगीत को समर्पित था, लता दी मां सरस्वती की साक्षात मूरत थीं। अपनी कोयल सी मीठी मधुर आवाज से दुनिया को सम्मोहित करने वाली लता जी ने मराठी, बंगाली, गुजराती, भोजपुरी जैसी और भी भाषाओं में गीत गाये, अपने गीतों से उन्होंने भारत का नाम रौशन किया। अनुराधा पोडवाल, कविता कृष्णमूर्ति, अलका याग्निक, साधना सरगम जैसी नई प्रतिभाओं को उन्होंने प्रोत्साहित किया। लता दी के अमरत्व गीत अब यादें बनकर हमारे दिलों में बसी रहेगी। लता दी ने अपने आठ दशक से ज्यादा के कॅरियर में उन्होंने 36 भाषाओं में तकरीबन 50,000 से ज्यादा गाने गाए थे। पुण्यतिथि मनाने में चिंतित बनारसी, प्रमोद वर्मा, हैदर मौलाई, आफाक आदि शामिल रहे।
श्रीधर
