लखनऊ। आयुक्त गन्ना एवं चीनी संजय आर भूसरेड्डी ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि गन्ना विकास विभाग उच्च तकनीकी पर आधारित एसजीके सिस्टम के जरिए गन्ना किसानों को एसएमएस गन्ना पर्ची भेजने का कार्य सुचारू रूप से कर रहा है। प्रदेश के 46.42 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसानों को वर्तमान पेराई सत्र में अब तक इन्टेण्ट जारी करने वाली 82 चीनी मिलों के लिए लगभग 60 लाख गन्ना पर्चिया कैलेण्डर के बेसमोड पर जारी की गई है। इनमें लगभग 2.55 लाख पर्चियां छोटे किसानों को भी कैलेण्डर के बेसमोड पर जारी की गई है।
गन्ना आयुक्त ने कहा कि वह एसकेजी पर पंजीकृत अपने मोबाइल नम्बर की जांच कर लें। अगर मोबाइल नम्बर गलत है अथवा नया मोबाइल नम्बर लिया गया है तो अपने गन्ना पर्यवेक्षक के जरिए अथवा समिति सचिव से सम्पर्क कर सही मोबाइल नम्बर अपडेट करा लें। पर्ची प्राप्त करने के लिये मोबाइल को चार्ज रखें तथा मैसेज इनबॉक्स खाली रखें। अपने मोबाइल नम्बर पर डीएनडी एक्टिवेट न कराये, जिससे एसजीके सिस्टम से भेजी गयी पर्ची उनके मोबाइल नम्बर पर समय से प्राप्त हो जायें।
उन्होंने कहा कि नेटवर्क क्षेत्र से बाहर होने की स्थिति या फिर डीएनडी एक्टिवेट होने पर गन्ना पर्ची का एसएमएस चौबीस घण्टे बाद स्वतः निरस्त हो जायेगा। जिसके कारण गन्ना किसानों को अपनी गन्ना पर्ची की जानकारी प्राप्त नहीं हो पायेगी।
गन्ना किसानों से अपील करते हुए कि जिन गन्ना किसानों द्वारा तकनीकी कारणों जैसे इण्टरनेट की स्लो स्पीड, बिजी सर्वर आदि कारणों से अभी भी घोषणा-पत्र नहीं भरा गया है। वह तत्काल अपना घोषणा-पत्र भर दे अन्यथा की स्थिति में उनका सट्टा सिस्टम द्वारा स्वतः लॉक हो जायेगा।
शरद
