लखनऊ(हि.स.)। लखनऊ में मुख्य मार्गो को छोड़कर ज्यादातर सड़कें खराब हैं और इसको लेकर मण्डलायुक्त का अतिरिक्त प्रभार देख रही डा. रोशन जैकब तक लोगों ने गुहार लगायी हैं। लोगों ने कमिश्नर को पत्राचार कर संज्ञान दिलाने की कोशिश की है कि शहर की बड़ी कॉलोनियों की सड़कें भी बेहद खराब है।
अलीगंज क्षेत्र में रहने वाले पंकज अवस्थी ने कहा कि कोविड की लहर आयी और इस दौरान सड़कों की मरम्मत पूरी तरह से बंद हो गयी। सड़क को बनाने के लिए कोई भी जनप्रतिनिधि तैयार नहीं था, क्योंकि सभी जनप्रतिनिधि की निधि कोविड के बचाव के लिए ले ली गयी थी। कोविड की पहली एवं दूसरी लहर के बाद सड़कें बननी चाहिए थी, लेकिन फंड ना होने की बात सामने रखी गयी।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में गोमती नगर, विकास नगर, अलीगंज, राजाजीपुरम और शहर के एक बड़े हिस्से को दूसरे हिस्से से जोड़ने वाली सड़कें खराब हैं। कॉलोनी के लोगों ने विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी बातों को रखा और इसके बाद समितियों ने बैठक कर एक पत्र कमिश्नर को भेजा।
विकास नगर क्षेत्र में रहने वाले अमित अग्रवाल ने कहा कि विकास नगर की सड़कों को कभी सबसे अच्छी सड़कें बताया जाता रहा है। आज सड़कों की खस्ताहाल स्थिति से जनता परेशान है। सड़क की मरम्मत की जरूरत है। सुबह के वक्त स्कूल जाने को निकलने वाले बच्चों को पहुंचाते हुए उनके कई साथी खराब सड़क के कारण चोटिल हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि कोविड के बुरे वक्त के बीत जाने के बाद अब सड़कें बननी चाहिए। इसके लिए नगर निगम, पीडब्लूडी जो भी जिम्मेदार संस्थान हो, उसे कमिश्नर के स्तर पर वार्ता कर सड़कें निर्माण कार्य को कराया जाये।
शहर में अन्य प्रमुख मार्गो में यूपी प्रेस क्लब के बगल में बालाकदर मार्ग, लालबाग मार्ग, सहारा मार्ग, भूतनाथ मार्ग, इंदिरा नगर मार्ग, ठाकुरगंज मार्ग, आशियाना बांग्ला बाजार मार्ग, तेलीबाग मार्ग सहित तमाम मार्ग भी मरम्मत मांग रहे हैं।
शरद
