लखनऊ(हि.स.)। बापू भवन में गत 31 अगस्त को खुद को गोली मारने वाले आईएएस रजनीश दुबे के निजी सचिव विशम्भर दयाल की शुक्रवार को इलाज के दौरान लोहिया अस्पताल में मौत हो गई।
आईएएस रजनीश दुबे ने निजी सचिव विशम्भर दयाल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है। कहा कि विशंभर उनके साथ नौ वर्ष से काम कर रहे थे। वे बहुत ही शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह वे खुद भी नहीं समझ पा रहे हैं।
विदित हो कि 31 अगस्त को विशम्भर दयाल बापू भवन के आठवें तल स्थित कार्यालय कमरा नम्बर 825 में पहुंचे थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने खुद को गोली मारी। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इसके उन्हें लोहिया संस्थान भेजा गया, जहां शुक्रवार को उनका निधन हो गया।
गोली मारने से पहले लिखा था सुसाइड नोट
पुलिस और फॉरेंसिक टीम को जांच के दौरान घटनास्थल से रिवाल्वर, खोखा व जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और एक सुसाइड नोट मिला था। पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट में विशम्भर ने बहन के ससुराली विवाद को तनाव का कारण बताया है। विशंभर की पत्नी गीता का भी का कहना था कि वे बहन की ससुराल के विवाद से परेशान थे।
आईजी लक्ष्मी सिंह कर रही जांच
इस मामले की जांच आईजी लक्ष्मी सिंह कर रही है। उन्होंने घटना वाले दिन ही उन्नाव के औरास थाने पहुंचकर इस प्रकरण में यहां के अधिकारियों से पूछताछ की, लेकिन किसी के पास भी कोई सही जवाब नहीं था। वहीं, आईजी के निर्देश के बाद उन्नाव एसपी एसपी अविनाश पांडेय ने लापरवाही पर औरास थानेदार हर प्रसाद अहिरवार व दरोगा तमिजुद्दीन को निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद एसपी ने औरास थाने का चार्ज अतुल तिवारी को सौंपा गया था। वहीं, बापू भवन की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों पर भी इस प्रकरण को लेकर गाज गिरी थी।
