नई दिल्ली |कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की सोमवार को हुई बैठक में कोरोना वायरस की दूसरी लहर पर चर्चा की गई। यह बैठक हाल में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर बुलाई गई थी। बैठक के बाद पारित प्रस्ताव में, CWC ने कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर को मोदी सरकार की उदासीनता, असंवेदनशीलता और अक्षमता का प्रत्यक्ष परिणाम बताया। सीडब्ल्यूसी ने प्रस्ताव में कहा, ”यह वैज्ञानिक सलाह की केंद्र सरकार की इच्छाशक्ति की अवहेलना, महामारी पर जीत की इसकी समयपूर्व घोषणा (जो कि सिर्फ पहली लहर थी) और चेतावनी के बावजूद पहले योजना बनाने में असमर्थता का प्रत्यक्ष परिणाम है। चेतावनी सिर्फ हेल्थ एक्सपर्ट्स ने ही नहीं, बल्कि संसद की स्थायी कमेटी ने दी थी।” प्रस्ताव में कहा गया है कि पीएम को अपनी गलतियों के लिए प्रायश्चित करना चाहिए।
यह भी कहा गया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले महीने पीएम मोदी को एक पत्र में टीके की सप्लाई और ज्यादा लोगों को टीका लगाने के तरीके सुझाए थे, लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन द्वारा अशोभनीय तरीके से जवाब दिया गया था। प्रस्ताव में कहा गया, ”सीडब्ल्यूसी इस बात पर चिंता व्यक्त करती है कि कोरोना से होने वाली मौतों का डेटा गलत है और कई मौतों को शामिल नहीं किया गया। कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने दिल्ली के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। सीडब्ल्यूसी ने इसे प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत घमंड परियोजना बताते हुए कहा कि आपराधिक रूप से पैसे की बर्बादी की जा रही है।
