Sunday, April 12, 2026
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रामगढ़ झील में होगी ”जल क्रीड़ा”, खिलाड़ियों को मिलेगा मौका

गोरखपुर (हि.स.)। गोरखपुर-बस्ती मण्डल के सबसे आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में लोकप्रिय रामगढ़ झील अब जल क्रीड़ा (वाटर स्पोर्ट्स) का भी बड़ा केंद्र बनेगी। जनवरी माह में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की मेजबानी करने जा रहे उत्तर प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स से जुड़ी रोइंग प्रतियोगिता रामगढ़ झील में होगी। देश भर के विश्वविद्यालयों के खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

जल आधारित पेशे से जुड़े नाविकों के लिए यहां नौका दौड़ प्रतियोगिता की कार्य योजना भी बनाई जा रही है। दरअसल, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की मेजबानी उत्तर प्रदेश को मिली है। आयोजन समिति ने इसके अंतर्गत रोइंग प्रतियोगिता गोरखपुर में कराए जाने को लेकर मुहर लगा दी है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर और नगर आयुक्त अविनाश सिंह, प्रतियोगिता के आयोजन के पूर्व यहां चल रहे विकास कार्यों को पूर्ण कराने की कोशिशों में हैं। ताकि जनवरी फरवरी में आयोजन में कोई दिक्कत न हो। रामगढ़झील में जल क्रीड़ा प्रतियोगिताओं की शुरुआत नाविकों में लिए नौका दौड़ और रोइंग प्रतियोगिता से होगी।

जीडीए पहले ही उपलब्ध करा रहा बोटिंग की सुविधा

रामगढ़ताल में विभिन्न प्रकार के नावों से बोटिंग और कयाकिंग की सुविधा गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने पहले से दे रखी है। अब प्रस्तावित प्रतियोगिताओं से जल्द ही यह ताल वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय फलक पर पहचान बना लेगा।

अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की सौगात

वन एवं पर्यावरण के क्षेत्र में कार्यरत संस्था हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका डॉ अनिता अग्रवाल कहती हैं कि 1700 एकड़ में फैला नैसर्गिक रामगढ़ताल कभी पूरी तरह उपेक्षित और गंदगी का पर्याय बना था। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इसका कायाकल्प कर पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए इसे बड़ा पर्यटन केंद्र बना दिया है। इधर, मल्लिका मिश्रा के मुताबिक रामगढ़ताल क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स की असीम संभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने यहां प्रदेश के सार्वजनिक क्षेत्र के पहले वाटर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स की भी सौगात दे रखी है। सामाजिक कार्यकर्ता मनीष मिश्रा के मुताबिक भविष्य में यहां जल क्रीड़ा की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं के समिति की राह आसान होगी।

डा. आमोद

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