नई दिल्ली(हि.स.)। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और संरक्षण) बिल-2021 को पारित कर दिया गया। संसद से पास यह बिल किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और संरक्षण) एक्ट-2015 में संशोधन करता है। इस बिल को महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने 15 मार्च, 2021 को लोकसभा में पेश किया था।
इस बिल पर बोलते हुए केन्द्रीय महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री के सान्निध्य में भारत सरकार ने जुवेनाइल जस्टिस यानि किशोर न्याय बिल में ऐतिहासिक संशोधन लेकर राज्यसभा में प्रस्तुत किया गया। विपक्ष के नेताओं ने सदन को विभाजित करने का प्रयास किया। हमने सभी से अपील की कि कम से कम बच्चों के हितों को सदन में न बांटा जाए।
