-तीन जिलों में डायलिसिस केंद्र की भी शुरुआत, अब 68 जिलों में डायलिसिस सुविधा
लखनऊ (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 35 एएनएम सेंटर, तीन डायलिसिस केंद्र और ओरल कैंसर स्क्रीनिंग अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री आवास पांच कालिदास मार्ग पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि एएनएम की क्या भूमिका हो सकती है, इसकी उपयोगिता हमें कोरोना महामारी में देखने को मिली। एएनएम और आशा वर्कर्स ने गांव-गांव जाकर मानवता की सेवा की
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर ये प्रशिक्षित न होते तो स्थिति क्या होती। स्वास्थ्य सेवा में प्रशिक्षित व्यक्ति बेहतर परिणाम दे सकता है। प्रदेश मे एएनएम सेंटर्स को पहले बंद कर दिया गया था। बेटियां निजी संस्थानों में प्रशिक्षण लेती थीं। बेटियों को घर से दूर रहना पड़ता था। आज एक साथ 35 एएनएम सेंटर्स की शुरुआत हो रही है। यह बेहतरीन सुविधाओं से युक्त हैं। इसमें एकसाथ प्रदेश में 1700 से अधिक बेटियां प्रशिक्षित होंगी। ये आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को भी सबल बनाने का कार्य है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आज यहां हाथरस, चंदोली और भदोही में तीन डायलिसिस केन्द्र की भी शुरुआत हो रही है। अबतक हम 65 जिलों में डायलिसिस सेंटर्स चल रहे थे। अब 68 जिले हो गए हैं। जहां ये मुफ्त सेवा मिलेगी। सभी 75 जिलों में फ्री डायलिसिस सेंटर को खोलने का हमें प्रयास जल्दी करना होगा।
आदित्यनाथ ने कहा कि मातृ शिशु मृत्य दर को हमको न्यूनतम स्तर पर ले जाना होगा। पांच वर्ष में स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर कार्य किया। इंसेफ्लाइटिस काला जार से होने वाली मौतों पर लगाम लगाया गया है। संचारी रोग पर नियंत्रण लगाने के अभियान को भी चलाया जा रहा है। आज का कार्यक्रम अमृत काल का महत्वपूर्ण आयोजन होगा। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, एसीएस अमित मोहन प्रसाद समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
दिलीप शुक्ल
