-पिछले 3 सालों में प्रदेश में रोड होल्डअप या राहजनी की एक भी घटना नहीं
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू में अपहरण, रेप, डकैती और लूट के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। यह वृद्धि 1 जनवरी 2020 से 15 मई 2020 और 2021 में दर्ज की गई । मार्च 2020 में लॉकडाउन था और मई 2021 में यूपी के शहरों में कोरोना कर्फ़्यू। जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनाव और कोरोना के चलते बढ़ी बेरोजगारी की वजह से अपराध की घटनाओं में इज़ाफ़ा हुआ।
आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में इस अवधि में फिरौती के लिए अपहरण के 11 मामले थे, जबकि 2021 में ये मामले बढ़कर 18 हो गए। इसी तरह 2020 में इसी अवधि में बलात्कार के 717 मामले दर्ज हुए थे, जो 2021 में बढ़कर 787 हो गए। अगर डकैती की बात करें तो 2020 में इस अवधि में कुल 27 मामले थे, जबकि 2021 में 29 हो गए। साल 2020 की इसी अवधी में लूट के 467 मामले दर्ज हुए थे जो 2021 में बढ़कर 470 हो गए। हालांकि, इस अवधि में हत्या के आंकड़ों में 2.84 फ़ीसदी, चोरी में 8.31 फ़ीसदी, बलवा में 12.21 फ़ीसदी, दहेज हत्या में 12.21 फीसदी और कुल अपराधों में 1.96 फ़ीसदी की कमी आई है। सबसे अच्छी बात यह है कि पिछले तीन सालों में प्रदेश में रोड होल्डअप या राहजनी की एक भी घटना नहीं हुई है। ऐसा माना जा रहा था कि कोरोना काल में अपराधों में भारी कमी आएगी, लेकिन ये आंकड़े बताते हैं कि अपराधी अब भी बाज नहीं आ रहे हैं। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर मामले आपसी रंजिश और चुनावी रंजिश से जुड़े हुए हैं।
यूपी में कोरोना कर्फ्यू के दौरान बढ़े अपहरण, रेप और डकैती के मामले
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