Friday, April 10, 2026
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यहां मरीजों को दर्द का इंजेक्शन भी मयस्सर नहीं

रोजाना 300 नए मरीजों का होता पंजीकरण विशेषज्ञ चिकित्सकों की नहीं तैनाती ।

रोहित कुमार गुप्ता
उतरौला (बलरामपुर) उतरौला तहसील मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त चिकित्सकों व स्टाफ के होने के बाद भी मरीजों को समुचित स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है। दवा व उपकरणों के अभाव में मरीजों को निजी पैथोलाजी व मेडिकल स्टोरों पर अपनी जेब कटवानी पड़ रही है। कमरों की कमी के कारण एक कक्ष में दो-दो चिकित्सक बैठकर ओपीडी निपटाते हैं। अस्पताल में पेयजल के लिए हैंडपंप नहीं है। औसतन 300 नए मरीजों का पंजीकरण रोजाना किया जाता है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सेवाओं में सुधार न होना संवेदनहीनता बयां कर रहा है।

समय 11.30 बजे। डा. योगेंद्र कुमार ओपीडी में मरीजों की जांच कर दवाएं लिख रहे थे। मरीजों ने चिकित्सक को तीन तरफ से घेर रखा था। डाक्टर ने बताया कि इस समय बुखार, त्वचा रोग, पेट दर्द, उल्टी के मरीजों की संख्या अधिक हैं। इस तरह के मरीजों के लिए दवाएं उपलब्ध हैं।

समय 12.00 बजे। पैथोलाजी में प्रेग्नेंसी टेस्ट व रक्त संबंधी जांच कराने के लिए लोगों की भीड़ थी। इस समय तक 15 महिलाओं की प्रेग्नेंसी व 25 लोगों की अन्य जांच हो गई थी। यहां हेपेटाइटिस की जांच के लिए किट को छोड़कर अन्य सभी जांच की सुविधा उपलब्ध बताई गई।

समय 12.25 बजे। एक्सरे कक्ष में टेक्नीशियन मौजूद थे। हड्डी रोग विशेषज्ञ का शिफ्ट आज नहीं था। इसके बावजूद 35 लोगों ने एक्सरे करवाने के लिए पंजीकरण कराया था। जनरल वार्ड में रफीनगर निवासिनी साकिरा पेट दर्द व उल्टी के कारण भर्ती थी। ग्लूकोज की ड्रिप दी जा रही थी। महिला को दर्द निवारक इंजेक्शन बाहर से लाने के लिए कहा गया था। इसी वार्ड में नरायनपुर की तबस्सुम भी भर्ती थीं, जिसे मंगलवार शाम को सीएचसी गैंड़ास से रेफर किया गया था। इन्हें भी कुछ दवाएं बाहर से लाने के लिए कहा गया था।

समय 12.55 बजे। दवा वितरण कक्ष में मरीज दवाओं के लिए अपनी बारी आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। सिट्रीजिन, रैनीटिडिन टैबलेट, कफ सिरप, टीटी, पेन किलर व सिप्रो फ्लाक्सासिन इंजेक्शन को छोड़कर बाकी दवा, एंटी रैबीज व एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध होने का दावा किया गया।

सीएचसी अधीक्षक डा. चंद्र प्रकाश का कहना है कि छह चिकित्सकों की नियमित तैनाती है। एनेस्थेसिस्ट, दंत रोग, नेत्र रोग व बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। बहुत गंभीर स्थिति होने पर ही बाहर की दवा लिखनी पड़ती है। महिला वार्ड में छह स्टाफ नर्स व दो पुरुष स्टाफ नर्स भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शीघ्र ही सीएचसी में आपरेशन थिएटर की भी सुविधा मिल जाएगी।

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