मेरठ़ (हि.स.)। प्रदेश की योगी सरकार द्वारा उप्र की तस्वीर बदलने के प्रयास रंग ला रहे हैं। लखनऊ की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले 20 जनवरी को मेरठ में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है। मेरठ जनपद में 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश कराने की योजना बनाई गई है। इसे साकार करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी लगे हुए हैं।
लखनऊ की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले प्रदेश के सभी जिलों में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। इन्वेस्टर्स समिट के जरिए स्थानीय स्तर पर निवेशकों की शंकाओं का समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही समिट में विभिन्न विभागों द्वारा उद्यमियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। समिट में उत्पादों के स्टाल लगाए जाएंगे। तकनीकी स्तर पर भी उद्यमियों को नई जानकारी दी जाएगी। मेरठ जनपद में वेदव्यासपुरी के आईटी पार्क में 20 जनवरी को इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। इसमें प्रदेश के औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी के भाग लेने की संभावना है।
निवेशकों को भा रहा मेरठ
प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से उप्र में निवेश के प्रति उद्यमियों की इच्छा जागी है। इसमें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट मील का पत्थर साबित हुई है। प्रदेश सरकार की अच्छी नीतियों की वजह से ही मेरठ जनपद भी निवेशकों को भा रहा है। 2018 में लखनऊ में हुए इन्वेस्टर्स समिट में मेरठ में निर्धारित 850 करोड़ रुपए के निवेश के सापेक्ष 1100 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव जमा हुए। इससे भी आगे बढ़ते हुए मेरठ जनपद में 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश कराने की योजना है। इसमें से आठ हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव जमा हो चुके हैं। एमएसएमई के तहत पांच हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा तो बड़े उद्योगों में भी अच्छे-खासे निवेश प्रस्ताव आए हैं।
जिला उद्योग केंद्र मेरठ के उपायुक्त दीपेंद्र कुमार का कहना है कि मेरठ जिले में निवेश के लिए बाहरी इन्वेस्टर्स से भी बातचीत की जा रही है। दस हजार करोड़ का निवेश कराने की योजना है। इससे 20 हजार नए रोजगार के अवसर मिलेंगे। इन्वेस्टर्स समिट उद्यमियों के लिए बड़ा अवसर साबित होगी।
कुलदीप
