मेरठ (हि.स.)। शताब्दीनगर में नई भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजे की मांग को लेकर चल रहे धरने में एक युवा किसान की मौत हो गई। आरोप है कि किसान की मौत सर्दी लगने से हुई है। इसके विरोध में किसानों ने जमकर हंगामा किया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने नए कानून के तहत मुआवजा मिलने दिलाने, पत्नी को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपए मुआवजा देने पर ही शव उठने देने की बात कही।
परतापुर थाना क्षेत्र के शताब्दीनगर में लगभग तीन दशक पहले मेरठ विकास प्राधिकरण ने जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके बाद भी कंचनपुर घोपला, जैनपुर गांवों के किसान भाकियू के बैनरतले लगभग आठ वर्षों से शताब्दीनगर के सेक्टर-4 बी में धरने पर बैठे हैं। किसानों की मांग है कि नए भूमि अधिग्रहण कानून के आधार पर उन्हें मुआवजा दिया जाए। सोमवार की रात को धरने पर कंचनपुर घोपला गांव का किसान राहुल भी बैठा हुआ था। किसानों का आरोप है कि सोमवार की देर रात सर्दी से युवा किसान राहुल की मौत हो गई। मंगलवार को इसका पता चलते ही भारी संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया।
भाकियू नेता विजयपाल घोपला का कहना है कि शासन-प्रशासन के ढुलमुल रवैये से किसान अपनी जान गंवा रहे हैं। नई अधिग्रहण नीति के तहत मुआवजा दिया जाए। मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपए मुआवजा मिलने पर ही किसान का शव उठने दिया जाएगा। सूचना पर अपर नगर मजिस्ट्रेट ब्रह्मपुरी अरुण कुमार, एसपी सिटी विनीत भटनागर, एएसपी विवेक कुमार, इंस्पेक्टर परतापुर शैलेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने मांग पूरी होने से पहले शव को उठाने से इनकार कर दिया। मौके पर किसान और अधिकारी आमने-सामने वार्ता कर रहे हैं।
कुलदीप
