Saturday, March 7, 2026
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मुंबई पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, माया नगरी से रखेंगे उप्र के चौमुखी विकास की नई नींव

-म्युनिसिपल बांड की लिस्टिंग से होगी नगरीय विकास में नए युग की शुरुआत

-फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों से बातचीत कर नोएडा फिल्म सिटी योजना को देंगे रफ्तार
-नामचीन उद्यमियों के साथ बैठक कर सेट करेंगे यूपी में नए निवेश का एजेंडा
-रक्षा उत्पाद से जुड़े उद्योगपतियों को डिफेंस कारीडोर में निवेश के लिए करेंगे आमंत्रित

लखनऊ (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर मुंबई रवाना हो गये। मायानगरी से वह उत्तर प्रदेश के चौमुखी विकास की नई नींव रखने जा रहे हैं। योगी का देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का यह दौरा कई मामलों में उत्तर प्रदेश के लिए बेहद खास है। 
चौबीस घंटे से भी कम वक्त के इस दौरे में योगी यूपी के विकास के चार बड़े एजेंडे सेट करेंगे। फिल्म स्टार अक्षय कुमार से शुरु हो रही मुलाकातों और बैठकों की ताबड़तोड़ श्रृंखला में योगी कला और उद्योग जगत की शीर्ष सौ हस्तियों से रूबरू होंगे। यूपी के विकास का नया खाका खीचेंगे। प्रदेश के युवाओं के लिए नए क्षेत्रों में रोजगार और व्यापार की संभावनाओं को यूपी की जमीन पर उतारने की कोशिश करेंगे।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि बुधवार की सुबह बीएसई में लखनऊ नगर निगम के बांड की लिस्टिंग के साथ योगी उत्तर प्रदेश के नगरीय विकास में नए युग की शुरुआत करेंगे। इसके साथ ही योगी सरकार अगले कुछ महीनों के भीतर प्रदेश के करीब आधा दर्जन निकायों के बांड जारी करने की प्रक्रिया तेज कर देगी।
हाल ही में लखनऊ नगर निगम ने प्रदेश की राजधानी को हर लिहाज विकास, सौंदर्यीकरण और साफ-सफाई आदि से स्मार्ट बनाने के लिए  200 करोड़ का बॉन्ड जारी किया था। कोविड काल में भी सरकार पर भरोसा कर निवेशकों ने इसे हाथों हाथ लिया। नतीजन यह 225 फीसदी से अधिक सब्सक्राइब हुआ है। इस तरह का बांड जारी करने वाला लखनऊ उत्तर भारत का पहला नगर निगम है। इससे उत्साहित सरकार आने वाले समय में सरकार गाजियाबाद, वाराणसी, कानपुर और आगरा जैसे बड़े नगर निकायों का बांड भी जारी करेगी।
मुख्यमंत्री योगी मंगलवार को ही मुंबई रवाना हो गये। वहां प्रवास के दौरान नोएडा में बनने जा रही सबसे बड़ी और अत्याधुनिक फिल्म सिटी की रूप रेखा पर फिल्म जगत के दिग्गजों से चर्चा करेंगे। मंगलवार को ही योगी ने अक्षय कुमार से मुलाकात की। कल वह फिल्म इंडस्ट्री के करीब 50 निर्माता, निर्देशकों और कलाकारों से मुलाकात कर योजना पर बातचीत करेंगे।
डिफेंस कारिडोर आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को न केवल डिफेंस विनिर्माण में आगे ले जाएगा बल्कि भारत की डिफेंस स्ट्रैटेजी और डिफेंस इकोनामी में निर्णायक भूमिका भी निभाएगा। देश और यूपी के विकास और रक्षा से जुड़ी इस योजना योगी के कोर एजेंडे में शामिल है। यही कारण है कि अपने मुंबई दौरे में योगी रक्षा उत्पाद से जुड़ी कंपनियों और उनके प्रबंधन के साथ खास तौर पर बैठक करेंगे।
उद्यमियों के साथ बैठक में योगी उन्हें न सिर्फ डिफेंस कारीडोर में निवेश का न्यौता देंगे बल्कि यूपी में बदले माहौल और सरकार द्वारा निवेशकों को दी जा रही सुविधाओं और अनुदानों की जानकारी भी देंगे। योगी मुंबई में देश के शीर्ष उद्यमियों से मुलाकात कर यूपी के नए क्षेत्रों में निवेश की राह भी तैयार करेंगे। प्रवक्ता ने बताया कि योगी का मुंबई दौरा आत्म निर्भर यूपी और प्रदेश को एक ट्रिलियन डालर एकोनामी बनाने के लिहाज से काफी अहम होगा।  
प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचा, एयर कनेक्टिविटी, रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर, इनलैंड वाटर वेज के लिहाज से बहुत कुछ बदल चुका है। नोएडा में देश की सबसे बेहतरीन फिल्म सिटी एवं फाइनेंस सिटी, जेवर में एशिया का सबसे बड़ा ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट। साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे। महानगरों में मेट्रो का विस्तार। अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनने और काशी व मथुरा के सांस्कतिक वैभव की वापसी के साथ बहुत बहुत कुछ बदला है।
उन्होंने बताया कि यूपी को आत्म निर्भरता और एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की इन कोशिशों में निवेश की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम का नतीजा भी दिखने लगा है। कुछ महीने पहले जारी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उप्र 10 अंकों की छलांग के साथ उत्तर प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर आ गया। वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान भी प्रदेश सरकार की इन्वेस्टर्स फ्रेंडली नीतियों के नाते देश-विदेश की 52 कंपनियों ने उप्र में 45 हजार करोड़ रुपए के निवेश में रुचि दिखाई।
यही नहीं इस दौरान बैंकों से समन्वय कर 6 लाख 46 हजार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को 20 हजार करोड़ रुपए का ऋण देकर उन्हें सुचारु रूप से चलवाया गया। लॉक डाउन के नाते करीब 45 लाख श्रमिकों की दूसरे प्रदेशों से वापसी हुई। सरकार ने न केवल सबकी सुरक्षित और ससम्मान वापसी सुनिश्चित कराई, बल्कि इनको राशन किट और भरण पोषण भत्ते के रूप एक हजार रुपये भी दिये। उनकी स्किल मैपिंग कराई गयी और उनमें से करीब 25 लाख लोगों को उनकी दक्षता के अनुसार स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मुहैया कराया गया। स्वाभाविक है कि मुख्यमंत्री उद्योग और फिल्म जगत की नामचीन हस्तियों से मुलाकात के दौरान इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही उनसे उत्तरप्रदेश को हर लिहाज से देश का सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिए अलग अलग सेक्टर्स में और निवेश के लिए भी आमंत्रित करेंगे । गौरतलब है कि योगी सरकार ने फरवरी 2018 में हुई इन्वेस्टर्स मीट में निवेशकों के साथ 4.68000 करोड़ रुपये के एमओयू किए थे, जिनमें से करीब 200000 करोड़ की योजनाएं मूर्त रूप ले चुकी हैं ।    इन दिग्गजों से होगी मुख्यमंत्री की मुलाकात एन चंद्राशेखरन चेयरमैन टाटा सन्स, डॉ निरंजन हीरानंदानी चेयरमैन हीरानंदानी ग्रुप,एसएन सुब्रमणयम, चेयरमैन एलएंडटी, संजय नायर चेयरमैन केकेआर इंडिया एडवाइजर्स, सुप्रकाश चौधरी सीईओ सिमंस इंडस्ट्री, बाबा कल्यानी, चेयरमैन भारत फोर्ज लिमिटेड, जसपाल बिंद्रा, चेयरमैन सेंट्रम कैपिटल लिमिटेड अमित नायर, वाइस प्रेसीडेंट वन 97 कम्यूनिकेशन्स, विकास जैन एके कैपिटल सर्विसेज, वरूण  कौशिक एसोसिएट डायरेक्टर एके कैपिटल सर्विसेज के अलावा डिफेंस सेक्टर के नामी उद्यमी  एसपी शुक्ल चेयरमैन एफआईसीसीआई डिफेंस एंड एरोस्पेस कमेटी, सुकरन सिंह, सीईओ व एमडी टाटा एडवांस सिस्टम, सुशील कुमार एवीपी व हेड गर्वनमेंट इनोवेशन एंड स्किल डेवलपमेंट टाटा टेक्नोलॉजी, हर्षवर्धन गुने हेड डिफेंस टाटा टेक्नोलॉजी, अशोक वाधवान चेयरमैन पीएलआर सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड, टीएस दरबारी, सीईओ व एमडी टैक्समैको डिफेंस सिस्टम, आशीष राजवंश हेड डिफेंस अडानी डिफेंस, रजत गुप्ता, हेड डिफेंस बिजनेस अशोक लेलैंड, कर्नल आरएस भाटिया (रिटायर्ड), प्रेसीडेंट डिफेंस भारत फोर्ब, जेडी पाटिल होल टाइम डायरेक्टर व मेम्बर ऑफ बोर्ड एल एंड टी, विजय सुजान, सीईओ जेएनवी वेनचर्स इंडिया। 

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