Sunday, August 23, 2026
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भ्रष्टाचार मामले में मुजफ्फरनगर जिलापूर्ति अधिकारी गिरफ्तार

सहारनपुर (हि.स.)। भ्रष्टाचार मामले में सहारनपुर पुलिस ने मुजफ्फरनगर के जिलापूर्ति अधिकारी (डीएसओ) वीके शुक्ला को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि वह इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की पाइप लाइन से चुराए गए तेल को बेचने वाले पेट्रोल पंप से हर महीना वसूली कर रहे थे। सहारनपुर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से मुजफ्फरनगर के डीएसओ विभाग में हड़कंप मच गया। अब तक पुलिस इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस के मुताबिक लंबे समय से आईओसीएल की पाइप लाइन से तेल चोरी हो रहा था। मामला नहीं खुलने पर आईओसीएल ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के डीजीपी से शिकायत की थी। इस आधार पर सहारनपुर की कुतुबशेर थाना पुलिस ने 12 दिसम्बर को आईओसीएल की पाइप लाइन से डीजल और पेट्रोल चोरी करने वाले एक गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरोह के पकड़े गए सदस्यों ने बताया कि दो साल में उन्होंने करीब एक करोड़ रुपये कीमत का तेल चोरी किया है। सारा तेल मुजफ्फरनगर के पचेहंडा में स्थित एक पेट्रोल पंप पर बेचा जा रहा था। इस मामले में जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय की मिलीभगत भी सामने आई।

इस आधार पर पुलिस ने जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय के एक रिटायर्ड बाबू श्रीराम कन्नौजिया को गिरफ्तार करके पूछताछ की तो पता चला कि जिलापूर्ति अधिकारी के कहने पर ही महीना लिया जा रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने जिलापूर्ति अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।

30 हजार रुपये महीना का चल रहा था खेल

पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि जिलापूर्ति अधिकारी पेट्रोल पम्प से 30 हजार रुपये महीना ले रहे थे। इस पेट्रोल पम्प ने पिछले दो साल में कोई तेल नहीं खरीदा था। इस पेट्रोल पम्प पर सारा चोरी का तेल ही बेचा जा रहा था।

एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि मुजफ्फरनगर के जिलापूर्ति अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई की गई है। अभी तक आईओसीएल की पाइप लाइन से तेल चोरी करने वाले गैंग के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह गैंग उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अब तक 16 घटनाओं को अंजाम दे चुका था।

शिवमणि/दीपक

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