Monday, September 21, 2026
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भारतीय बागवानी सम्मेलन में हुई जैविक खेती पर चर्चा

कानपुर (हि.स.)। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में चल रही चार दिवसीय भारतीय बागवानी सम्मेलन के तीसरे दिन शनिवार को देश के विभिन्न भागों से आए उत्कृष्ट कृषि वैज्ञानिकों ने अपने अपने शोधों का प्रस्तुतीकरण किया है। प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ बलराज सिंह पूर्व कुलपति कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर ने की। जबकि अध्यक्षता डॉ राजू बरवाली चेयरमैन माइको कंपनी ने की।

प्रथम सत्र में केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ के निदेशक डॉ शैलेंद्र राजन ने आम एवं अमरूद के मूल ब्रन्तों की गुणवत्ता एवं उनका फलोत्पादन एवं महत्व पर विस्तार से बताया। इसके बाद डॉ डीके घोष निदेशक नींबू अनुसंधान संस्थान नागपुर महाराष्ट्र में गुणवत्ता युक्त नींबू उत्पादन में मूल ब्रन्तों की उपलब्धता, गुण एवं बीमारी रहित उत्पादन करने के लिए मूल ब्रन्तों के उपयोग पर विस्तार से वर्णन किया। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ के पूर्व निदेशक एवं होमा टीचर डॉक्टर आरके पाठक एवं सह अध्यक्षता पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के डॉक्टर वाईआर चन्ना एवं संगोष्ठी उद्यान विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष वीके त्रिपाठी ने की। इस तकनीकी सत्र में डॉ बलराज सिंह पूर्व कुलपति कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर में संरक्षित खेती पर किए जा रहे विभिन्न किसान हितेषी अनुसंधानो पर विस्तार से प्रकाश डाला।

होमा टीचर डॉक्टर आरके पाठक ने कॉस्मेटिक ऊष्मा के प्रयोग से गुणवत्ता युक्त,बीमारी रहित रसायनों के दुष्प्रभाव से फल एवं सब्जी उत्पादन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम को पुनः प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ते हुए प्राकृतिक ऊर्जा को उपयोग में लाते हुए विभिन्न जैविक उत्पादों के साथ-साथ गुणवत्ता युक्त उत्पादक करना चाहिए। इसमें केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के वैज्ञानिक प्रधान वैज्ञानिक डॉ राम अवध राम ने पौधों की वृद्धि एवं उत्पादन के लिए उपयोगी विभिन्न बायो इनहैंसर जैसे अमृत पानी, जीवामृत, वीजामृत, पंचगव्य आदि के प्रयोग एवं उनके जैविक गुणवत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला जम्मू और कश्मीर से डॉक्टर वसीम हसन रजा ने संरक्षित खेती में मृदा रहित रूटिंग मीडिया पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही आंध्र प्रदेश के डॉक्टर शरत रेड्डी ने नेट हाउस के अंदर पपीता की खेती पर किसानों के हितों पर अधिक उत्पादन हेतु चर्चा की। इस अवसर पर स्थानीय संयोजक डॉ एच जी प्रकाश, मीडिया प्रभारी डॉ खलील खान, डॉक्टर आरपी सिंह, डॉक्टर एके सिंह, डॉक्टर संजय कुमार एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

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